मूर्ति कला के लिए देश दुनिया में विख्यात अलीगढ़ को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। उत्तर प्रदेश शासन ने अलीगढ़ के आर्टवेयर उत्पादों को ओडीओपी योजना में शामिल करने पर सहमति जता दी है। फरवरी के अंत तक इसका शासनादेश जारी होने की पूरी उम्मीद है।
ओडीओपी में शामिल होने पर आर्टवेयर कारोबारियों को सस्ता लोन, देश विदेश के बड़े मेलों में आने जाने पर सब्सिडी, उत्पादों की ब्रांडिंग, टूल किट सहित अन्य लाभ मिलेंगेे। जिले में आर्टवेयर इंडस्ट्री का सालाना कारोबार लगभग पांच सौ करोड़ रुपये है। सौ से अधिक बड़े मूर्ति निर्माता कारोबारी हैं तो कारीगरों की संख्या लगभग दस हजार है। आर्टवेयर उत्पादों के ओडीओपी में शामिल होने के बाद इन सभी को योजना के तहत लाभ मिल सकेंगे।
ओडीओपी में मिले 36 करोड़, 550 टूल किट
ताला और हार्डवेयर को ओडीओपी में शामिल हुए लगभग तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान लगभग 32 यूनिटों को 36 करोड़ रुपये का लाभ मिला है। जिसमें लोन की रकम और बड़े मेलों में शामिल होने का किराया आदि शामिल है। इस दौरान ओडीओपी टूल किट योजना में 550 लोगों को प्रशिक्षित कर उनको टूल किट बांटी गई है। ये वो कारीगर हैं, जो कारखानों से काम लाकर घरों में कर रहे हैं।
आर्टवेयर इंडस्ट्री अलीगढ़ की पहचान है। अगर इसको ओडीओपी में शामिल किया गया तो निश्चित रूप से बड़ी संख्या में कारीगरों से लेकर मूर्ति कारोबारियों तक इसका लाभ होगा। कारोबारी खर्च की चिंता किए बिना देश-विदेश के बड़े मेलों में प्रतिभाग कर सकेंगे। उनके उत्पादों की कम से कम खर्च में ब्रांडिंग होगी। ओडीओपी टूल किट योजना का लाभ मिलेगा। आसानी से लोन लेकर लोग अपने काम शुरू कर पाएंगे। ये बहुत स्वागत योग्य कदम है।
- मोहित अग्रवाल, स्मार्ट इंडिया।
आर्टवेयर को ओडीओपी योजना में शामिल कराने के लिए शासन को फरवरी की शुरुआत में प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने इसमें विशेष दिलचस्पी ली है, जिससे कारोबारियों और कारीगरों को इसका भरपूर लाभ दिलाया जा सके। मुख्य सचिव ने इस पर रजामंदी दे दी है। बहुत जल्द इसका शासनादेश जारी होने की उम्मीद है। ये पूरी तालानगरी के लिए वर्ष 2021 का सबसे बड़ा तोहफा होगा।
- श्रीनाथ पासवान, उपायुक्त उद्योग।
अलीगढ़ के काम पर दाम कमाते हैं
मूर्ति कारोबार में अलीगढ़ में सौ से अधिक बड़े कारोबारी हैं। इनमें से चुनिंदा लोग ही विदेशों में निर्यात कर पा रहे हैं, बाकी का काम देश में सप्लाई करना है। अलीगढ़ के कई कारोबारी अपनी मूर्ति और आर्टवेयर के उत्पाद मुरादाबाद, जयपुर और दिल्ली भेजते हैं। वहां इन उत्पादों की कुछ और फिनिशिंग कर उसको ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। अलीगढ़ के मुकाबले जयपुर, दिल्ली और मुरादाबाद का एक्सपोर्ट इसलिए ज्यादा है, क्योंकि वहां आने वाले विदेशी पयर्टक भी हैंडीक्राफ्ट के नाते इन उत्पादों को हाथोंहाथ पसंद करते हैं।
कारोबार पर नजर
1- 500 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार, 10 हजार लोग इस इंडस्ट्री से जुड़े हैं
2- अलीगढ़ की मूर्ति कला और अन्य आर्टवेयर देश और दुनिया में विख्यात
4- जयपुर, दिल्ली और मुरादाबाद से होता अलीगढ़ के आइटमों का एक्सपोर्ट