22 अगस्त दोपहर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम विजेंद्र सिंह राणा टीम के साथ दोपहर में बुलंदशहर भेजे गए हैं। यह टीम बुलंदशहर में यह जानने का प्रयास करेगी कि मंगलवार को कौन सी टीम डाकघर में जांच के लिए आई थी? किसने शिकायत की थी? क्या शिकायत की थी? टीम ने किन किन लोगों से क्या क्या पूछताछ की? सीसीटीवी देखे जाएंगे? जिसमें टीपी सिंह की आवाजाही आदि देखी जाएगी? इस दौरान उनकी गतिविधियां देखी जाएंगी? साथ में जिन लोगों को सुसाइड नोट व तहरीर में आरोपी बनाया है, उनकी भूमिका आदि जानी जाएंगी।
सुसाइड नोट-तहरीर के आधार पर ये आरोपी
सुरेश कुमार पुत्र शंभू दयाल निवासी सैदपुर बुलंदशहर, सुरेश की पत्नी, मनोज कुमार तत्कालीन उपडाकपाल एजी स्कूल बुलंदशहर वर्तमान में उपडाकपाल नारहर जिला ललितपुर मूल निवासी शिकारपुर बुलंदशहर, योगेंद्र सिंह पूर्व मेल ओवरसियर खुर्जा निवासी खुर्जा, बनवारी लाल पूर्व मेल ओवरसियर अनूपशहर निवासी ग्राम व पोस्ट सघर पहासू, उनके तीन पुत्र क्रमश: अरुण, वरुण व टेकचंद्र।
ये है प्रकरण
मूल रूप से अकरावत लोधा व हाल सुरक्षा विहार निवासी टीपी सिंह के विभाग के कुछ लोगों ने सीबीआई में शिकायत की थी। जिसमें डाकपाल पदों पर नियुक्तियों, टूर बिल आदि में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। इसी मामले में जांच के लिए सीबीआई टीम मंगलवार को मुख्य डाकघर पहुंची थी। शाम में करीब चार घंटे तक टीम ने त्रिभुवन प्रसाद सिंह से पूछताछ की। रात 11 बजे उन्हें वहां से घर भेज दिया गया था। इसके बाद टीम तडक़े चार बजे तक डाकघर में रिकार्ड खंगालती रही और वापस चली गई। मगर कुछ खास मिला नहीं। रात में 11 बजे त्रिभुवन प्रसाद पहले अपने किराये के रूम पर पहुंचे हैं। वहां से सुबह पांच बजे बिना किसी को बताए अलीगढ़ चले आए। यहां आने के बाद पत्नी के स्कूल जाने के बाद बुधवार सुबह घर में उन्होंने यह कदम उठाया था। जिससे पहले एक सुसाइड नोट भी अपने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल किया था। जिसमें नामजदों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।