अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की इंजीनियरिंग छात्रा के सोशल मीडिया एकाउंट पर टिप्पणी करने के आरोपी एएमयू छात्र की पुलिस ने सरगर्मी से तलाश तेज कर दी है। पुलिस की टीम रविवार को बिहार पहुंच गई है।
युवक औरंगाबाद का रहने वाला बताया गया है और उसकी लोकेशन भी वहीं मिली है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम को अलीगढ़ से रवाना किया गया। एएमयू छात्रा की तहरीर पर आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन प्रकरण देश भर में सुर्खियों में होने के कारण पुलिस इस मामले में तेजी दिखा रही है।
किसी फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने फेसबुक मुख्यालय व सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की तो वह औरंगाबाद उसके घर के पते पर ही मिली। इस जानकारी पर सिविल लाइंस की एक पुलिस टीम बिहार के लिए रवाना की गई।
टीम रविवार को बिहार पहुंच गई है। एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द सफलता मिलेगी।
सद्दाम के घर भी दी गई दबिश, नहीं मिला
वहीं, महाकाल मंदिर के खिलाफ टिप्पणी देकर फंसे बसपा पार्षद सद्दाम हुसैन के घर भी पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। रविवार को भी क्वार्सी पुलिस ने दबिश दी। मगर वह नहीं मिला। एसएसपी मुनिराज जी के अनुसार जल्द ही इस मामले में भी गिरफ्तारी की जाएगी।
एएमयू को बदनाम करने से बाज आएं भाजपा नेता
हिंदू मुस्लिम समाज सेवा संस्था के अध्यक्ष शाकिर अली ने इस प्रकरण को लेकर भाजपा-हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एएमयू को बदनाम करने से बाज आए।
एएमयू की छात्रा द्वारा हिजाब को लेकर लगाए गए आरोप व उस पर हिंदू संगठनों की प्रतिक्रिया पर शाकिर ने कहा है कि एएमयू प्रशासन विवाद को निपटाने में सक्षम है। भाजपा नेता इसमें अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू पर उंगली उठाने वाले लोग बीएचयू में सुधार की मांग क्यों नहीं करते।