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50 हजार के इनामी बदमाश विनोद जाट ने किया कोर्ट में समर्पण, यूपी पुलिस में रहा चुका है सिपाही

Sat, 18 Jul 2020 12:13 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • पुलिस नहीं पहचान पाई, मास्क की आड़ में विनोद जाट ने किया कोर्ट में समर्पण
  • थाना न्यू आगरा के एक मामले में गैर जमानती वारंट जारी थे 50 हजार के इनामी कुख्यात के
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कुख्यात विनोद जाट का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ पुलिस के 50 हजार के इनामी बदमाश बर्खास्त सिपाही विनोद जाट ने शुक्रवार को कोर्ट में समर्पण कर दिया। उसके खिलाफ थाना न्यू आगरा में पुलिस मुठभेड़ और कॉलेज प्रबंधक पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज था। कोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद हाजिर नहीं हो रहा था। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट भी जारी किए थे। उसे 31 जुलाई तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।  

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हाथरस के थाना मुरसान स्थित गांव महामोनी निवासी विनोद जाट के खिलाफ 22 अप्रैल 2019 को थाना न्यू आगरा में दो मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें एक जानलेवा हमला, चौथ मांगने और बलवा तो दूसरा पुलिस मुठभेड़ का था। इस मामले में वह 23 अप्रैल 2019 को जेल भेजा गया था। 


30 अक्तूबर 2019 को विनोग जमानत पर छूटा था। इसके बाद कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस पर कोर्ट से लगातार वारंट जारी हो रहे थे। पिछले दिनों गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। उधर, अलीगढ़ पुलिस ने भी विनोद जाट पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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शुक्रवार सुबह 10 बजे विनोद जाट मास्क पहनकर दीवानी आया था। उसकी तलाश में अलीगढ़ पुलिस भी लगी हुई थी। पुलिस उसकी तलाश डकैती कोर्ट में कर रही थी। मगर, विनोद जाट ने पुलिस से बचकर फास्ट ट्रैक जज मिर्जा जीनत की कोर्ट में समर्पण कर दिया। मास्क पहनने की वजह से पुलिस उसे पहचान नहीं सकी। अधिवक्ता रमेश चंद्रा ने समर्पण कराया। कोर्ट ने 31 जुलाई तक के लिए उसे जेल भेज दिया। 

कॉलेज प्रबंधक से चौथ मांगने के दौरान चलाई थी गोली 

कुख्यात विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह के खिलाफ सादाबाद के एपी इंटर कॉलेज के प्रबंधक मुनीश कुमार गौतम ने 22 अप्रैल 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि विनोद जाट अपने नौ-दस साथियों के साथ उनके घर पहुंचा था। उन्हें धमकी दी और चौथ मांगी थी। प्रबंधक पर फायरिंग की थी, जिससे वह बाल-बाल बच गए थे। उस वक्त पुलिस ने घेराबंदी करके विनोद जाट को पकड़ लिया था। 

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उसके साथ रिश्तेदार संतोष, नेहरू नगर निवासी विष्णु, अछनेरा के गांव कचौरा निवासी उमा, हर्ष गौतम, कागारौल निवासी राजू चाहर, अलीगढ़ निवासी महेश चौधरी भी पकड़े गए थे। इस मामले में पुलिस मुठभेड़ का मुकदमा तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने दर्ज कराया था। 23 अप्रैल 2019 को आरोपियों को जेल भेजा गया था। इस मामले में 30 अक्तूबर 2019 को उसकी जमानत हो गई थी। 
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26 मुकदमे हैं दर्ज 

विनोद जाट बर्खास्त सिपाही है। पहले वो बर्खास्त सिपाही देवेंद्र के साथ काम करता था। उसके जेल जाने के बाद खुद ही काम करने लगा। लूट, फिरौती मांगने, अपहरण की घटनाएं कर चुका है। जेल से बाहर आने के बाद हाथरस और अलीगढ़ में जमीनों का काम शुरू किया था। उस पर 26 मुकदमे दर्ज हैं। अलीगढ़ के इगलास में कारोबारी के अपहरण के मामले में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। 

झांसी के कारोबारी के अपहरण में आया नाम 

28 दिसंबर 2015 को कागारौल में पशु कारोबारी से 45 लाख रुपये की लूट हुई थी। इसमें विनोद जाट का ही नाम सामने आया था। झांसी में दो साल पहले दो सराफा कारोबारियों का अपहरण हुआ था। कारोबारियों से करोड़ों की रकम मांगी गई थी। कारोबारियों को सिकंदरा क्षेत्र से मुक्त कराया गया था।
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