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पुलिस की पाठशाला: एसपी यातायात ने बताए ट्रैफिक रूल्स, बच्चों ने जाने साइबर क्राइम से बचने के उपाय

Thu, 26 Sep 2024 11:16 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एसपी यातायात मुकेश चंद उत्तम ने यातायात और साइबर अपराध के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के बारे में जो जानकारी यहां दी गई है, उसे अपने माता-पिता, भाई-बहन व परिजनों से जरूर साझा करें।
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पुलिस पाठशाला को संबोधित करते एसपी ट्रैफिक मुकेश चंद उत्तम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती न करें। अपनी यात्रा, तस्वीरें व व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। शर्मिंदगी के डर से शिकायत करने में न हिचकें। किसी भी प्रकार के फ्रॉड होने पर इसकी तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। ये बातें 26 सितंबर को शांति निकेतन वर्ल्ड स्कूल में अमर उजाला के बैनर तले आयोजित पुलिस की पाठशाला में अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बताईं। 

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एसपी यातायात मुकेश चंद उत्तम ने यातायात और साइबर अपराध के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों के बारे में जो जानकारी यहां दी गई है, उसे अपने माता-पिता, भाई-बहन व परिजनों से जरूर साझा करें। साइबर सेल प्रभारी अमित कुमार, टीएसआई विजयपाल सिंह ने विचार व्यक्त किए। मौके पर आईआईएमटी के सचिव ईं. पंकज महलवार, प्राचार्य शंभू केएन सिंह रावत, स्कूल की प्रधानाचार्या कृष्णा सिंह, टीआई विनय शुक्ल, मुकेश कुमार, शेखर कुमार, विकास कुमार आदि मौजूद रहे। 

विद्यार्थियों के बोल
साइबर क्राइम के बारे में जो जानकारी दी गई वह काफी ज्ञानवर्धक है। इससे हमें साइबर क्राइम से बचने में मदद मिलेगी। - युवराज सिंह
- यातायात नियमों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन पुलिस की पाठशाला में आकर जानकारी मिल गई। - दर्शन पाठक
- सीट बेल्ट और हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। - पार्थ सिंह
- पुलिस की पाठशाला में जो बातें बताई गई हैं, वह निश्चित रूप से मेरे जीवन में काम आने वाली है। - अंशिका
- पुलिस अफसरों ने साइबर क्राइम और यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया है। यह एक सराहनीय पहल  है। - बबिता यादव
- पुलिस की पाठशाला का हिस्सा बनकर अच्छा लगा है। साइबर क्राइम व यातायात नियमों की जानकारी अच्छी लगी। - नाजिश

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क्या करें

- पासवर्ड बनाने से पहले ध्यान रखें कि वो यूनिक और कठिन हो। हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड रखें।
- कम से कम 45 दिन में अपना पासवर्ड जरूर बदल लें।
- सोशल मीडिया साइट्स के लिए सेकेंडरी ई-मेल एड्रेस बनाकर रखें।
- अगर कोई अकाउंट आप इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उसे डिलीट कर दें।
- हमेशा प्रमाणिक व लाइसेंस वाले साफ्टवेयर का ही प्रयोग करें।
- ऑनलाइन बैंकिंग में ध्यान रखें कि आपने यूआरएल मेन्युअली टाइप किया हो।
- एप ऑफिशियल स्टोर गूगल प्ले स्टोर व एप्पल के फेयर एप स्टोर से लें। 
- मुफ्त उपहार/ प्रस्ताव/संदेश /मेलों पर विश्वास न करें। 
                                 
क्या न करें
- अपनी व्यक्तिगत/ निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा न करें।
- ब्राउजर में सोशल मीडिया या अकाउंट में लॉग इन करते वक्त लॉग इन या रिमाइंडर मी को चेक न करें।
-अपनी जन्मतिथि, नाम, मोबाइल नंबर आदि का इस्तेमाल कभी पासवर्ड में न करें।
-किसी भी पॉपअप विज्ञापन पर गौर न करें।
- ऑनलाइन अकाउंट्स को हमेशा लॉग आउट करें।
- ईमेल अटैचमेंट के जरिए किसी साफ्टवेयर को डाउनलोड न करें।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की जानकारी वेब ब्राउजर में जमा न करें।
-निजी और बैंकिंग ब्योरा फोन या ई-मेल या एसएमएस से शेयर न करें।
-किसी भी प्रकार की ओटीपी भूलकर किसी के साथ शेयर न करें।
- शर्म और आत्मदोष के कारण शिकायत दर्ज में संकोच न करें।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर साबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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