पूर्व सांसद एवं सपा नेता चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि एएमयू के शताब्दी वर्ष समारोह में पीएम मोदी का वर्चुअल ही सही, लेकिन संबोधन होना एक अच्छी बात है। इसका खुले मन से स्वागत हो। लेकिन ये उन भाजपाइयों के गाल पर तमाचा है, जो जिन्ना की तस्वीर और अन्य मुद्दों को लेकर एएमयू को कठघरे में खड़ा करते हैं। भाजपा सांसद सतीश गौतम, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित कई भाजपाई नेता व उनके सहयोगी संगठन लगातार एएमयू की छवि खराब करने में लगे है, लेकिन मोदी के इस कदम से उन नेताओं को करारा जवाब मिला है।
पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह शुक्रवार को रामघाट रोड स्थित एक होटल में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने संबोधन करने का फैसला लेकर राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा दिया है। अब उनको एएमयू के तीनों केंद्रों (पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद, केरल के मल्लापुरम, बिहार के किशनगंज) के वास्ते एक हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज भी देना चाहिए ताकि हर देशवासी को उच्च शिक्षा देने का सर सैयद का सपना पूरा हो सके।
पूर्व सांसद ने कहा कि जब संसद का शीतकालीन सत्र स्थगित कर दिया गया है तो कोरोना संक्रमण काल में नुमाइश क्यों हो रही है..? सीएम योगी इस आयोजन को जन सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल रोक दें अन्यथा घनी आबादी वाले शहर में बड़ा संक्रमण हो सकता है। उन्होंने कहा कि बेहद सर्द रातों में किसान अब तक दिल्ली की सड़कों पर जमे हैं।
केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों में संशोधन करने की बात कह रही है तो फिर मानवता के नाते ही कम से कम किसानों को मना कर वहां से धरना खत्म कराने की जरूरत है। अगर केंद्र सरकार से गलती हुई तो वह सुधार ले। मानवता से बड़ा कानून नहीं हो सकता है। अगर किसान कह रहे हैं कि तो उनकी बात मानी जाए। इस दौरान उनके साथ कपिल शर्मा, लोकेश चौधरी आदि मौजूद रहे।