एएमयू के शताब्दी समारोह को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन संबोधित करेंगे। एएमयू के छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी ही नहीं बल्कि दुनिया भर में फैले एएमयू के पूर्व छात्रों के साथ-साथ भाजपा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की भी नजर प्रधानमंत्री के संबोधन पर है।
दरअसल, एएमयू एवं भाजपा नेताओं के रिश्ते हमेशा तल्ख रहे हैं। छात्रों के विरोध के कारण तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी एएमयू में नहीं जा पाए थे। वर्ष 2014 में एएमयू छात्र संघ के अधिष्ठापन समारोह में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर तत्कालीन उपाध्यक्ष मसूद उल हसन ने तीखी टिप्पणी कर दी थी, जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ था।
2014 में ही एएमयू कोर्ट सदस्य एवं बिजनौर के भाजपा सांसद भारतेंद्र सिंह को कैंपस में नहीं घुसने देने की घोषणा छात्रों ने की थी। कोर्ट सदस्य रहते हुए एक बार भी भारतेंद्र सिंह कैंपस में नहीं आए। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑनलाइन संबोधन काफी महत्व रखता है।
वर्ष 2010 में नरेंद्र मोदी मंगलायतन विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत आए थे। उस समय वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके अतिरिक्त 2014 के लोकसभा चुनाव के पहले नुमाइश मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। उस समय वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार थे। 2017 में विधानसभा चुनाव एवं 2019 में लोकसभा चुनाव के पहले नुमाइश मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया था।
भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह ने कहा कि हम हृदय से चाहते हैं कि एएमयू का नाम पूरी दुनिया में रोशन हो, हमारा विरोध एएमयू से नहीं बल्कि टुकड़े-टुकड़े गैंग से है। हम चाहते हैं कि एएमयू में अनुसूचित जाति व जनजाति को आरक्षण का लाभ मिले। हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शताब्दी वर्ष समारोह को संबोधित करने जा रहे हैं।
एएमयू के पूर्व छात्र एवं भाजपा नेता डॉ. निशीत शर्मा ने कहा कि एएमयू के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है। 60 वर्षों से कांग्रेस ने एएमयू के लिए कुछ नहीं किया। अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर एएमयू छात्रों को भ्रमित किया गया। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सलमान खुर्शीद एवं गुलाम नबी आजाद से लेकर अन्य कई नेता आए लेकिन कुछ नहीं किया। भाजपा स्पष्ट कर चुकी है कि एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप नहीं है।