राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के शिलान्यास समारोह में उनके वंशजों को भी बुलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ मंच पर उनके परिजनों का सम्मान कर सकते हैं, जिसकी तैयारियां अंदरखाने हो रही हैं। पीएमओ से भी इसका फीडबैक लिया जा रहा है। स्थानीय जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि देहरादून निवासी राजा के प्रपौत्र चरत प्रताप सिंह से बात हुई है। उनके अन्य परिजनों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। सभी को बुलाया जाएगा ताकि राजा के वंशज इस ऐतिहासिक घड़ी का हिस्सा बने।
देहरादून निवासी राजा के प्रपौत्र चरत प्रताप ने फोन पर बताया कि अलीगढ़ के कुछ अधिकारियों से वार्ता हो रही है। आगामी 14 सितंबर को पीएम मोदी और सीएम योगी द्वारा राजा महेंद्र प्रताप सिंह विवि का शिलान्यास उनके लिए व्यक्तिगत रूप से विशेष गौरव की बात है। वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई शरद प्रताप सिंह भी देहरादून में ही रहते हैं। वर्ष 1901 में राजा महेंद्र प्रताप ने ही देहरादून में जमीन ली थी। दोनों भाई वर्तमान में मुरसान स्टेट हाथरस, वहां का किला, स्कूल, खेती, देहरादून में सेबों का बाग, एक निर्माणाधीन होटल और कुछ अन्य काम देखते हैं।
स्थानीय जिला प्रशासन ने राजा के वंशजों को बुलावा देने के लिए उनके पहचान पत्र, मसलन आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि की छाया प्रति मंगाई है। इन विशेष मेहमानों को वीवीआईपी दीर्घा में बैठाने के लिए सुरक्षा के लिहाज से भी जिला प्रशासन हरेक बात पर गंभीरता से विचार विमर्श कर रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी एनएसजी और दूसरी एजेंसियों के सुरक्षा मानकों का भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
पीएम मोदी राजा के वंशजों का सम्मान कर सकते हैं। इसलिए इस जिम्मेदारी के लिए अफसरों को लगाया गया है। इधर, कार्यक्रम में राजा की वंशावली, उनके जीवन, राजनीति में आने से लेकर आखिर तक की कहानी की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जा रही है। इस फिल्म में पूरी कहानी दिखा कर लोगों को राजा के जीवन और उनके वंशजों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके लिए सूचना विभाग की ओर से भी टीम लगी है। एक पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन भी बनाई जा रही है।