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पितृ पक्ष तर्पण: मरने के बाद पितरों का कर रहे श्राद्ध, जिंदे पर बुजुर्गों को नहीं मिल रहा सम्मान

Sat, 20 Sep 2025 02:33 PM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय वृद्धाश्रम छर्रा में 90 बुजुर्ग महिला व पुरुष रह रहे हैं। शहर के क्वार्सी-एटा चुंगी स्थित कयामपुर में श्री दाऊजी सेवाधाम वृद्धाश्रम में देखरेख करने वाले मोनू शर्मा ने बताया कि यहां 13 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें दस महिलाएं व तीन पुरुष शामिल हैं।
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छर्रा स्थित आवासीय वृद्धाश्रम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों के नाम तर्पण-श्राद्ध करा रहे हैं। इन सबके बीच कुछ बुजुर्ग ऐसे भी हैं जिन्हें जीते जी संतान से सम्मान और सुख नहीं मिल रहा। भरा-पूरा परिवार होने के बावजूद उन्हें वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

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समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय वृद्धाश्रम छर्रा में 90 बुजुर्ग महिला व पुरुष रह रहे हैं। वृद्धाश्रम की व्यवस्था संभाल रहे अध्यक्ष अशर्फी लाल, सचिव हरिकिशन सूर्यवंशी, वार्डन गिरजेश यादव ने बताया कि पितृपक्ष में बुजुर्गों से मिलने उनके बच्चे नहीं आते हैं, लेकिन कुछ समाजसेवी हैं जो इन्हें भोजन कराते हैं। शहर के क्वार्सी-एटा चुंगी स्थित कयामपुर में श्री दाऊजी सेवाधाम वृद्धाश्रम में देखरेख करने वाले मोनू शर्मा ने बताया कि यहां 13 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें दस महिलाएं व तीन पुरुष शामिल हैं।

बेटों ने किया परेशान तो पत्नी के साथ आए वृद्धाश्रम
कस्बा छर्रा निवासी राधेश्याम डेढ़ साल से पत्नी शकुंतला देवी के साथ वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। चार पुत्र व एक पुत्री होने के बावजूद दोनों वृद्धाश्रम में जीवन यापन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुत्र परेशान करते हैं। इस कारण स्वयं ही घर से निकल आए। उन्होंने बताया कि मजदूरी कर बच्चों को बड़ा किया था। बुढ़ापे में सबने साथ छोड़ दिया।

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बेटे से परेशान होकर आ गए वृद्धाश्रम

शहर के रावणटीला के जानकी प्रसाद को एक पुत्र व एक पुत्री है। पत्नी की कैंसर से मौत हो चुकी है। बीमारी में घर बिक गया। बेटे के बुरे व्यसनों में पड़ जाने से आए दिन विवाद होता था। सात साल पहले वृद्धाश्रम आ गए थे।

सत्संग कर कट रही अच्छी जिंदगी
दतावली अतराैली के रहने वाले राकेश गुप्ता के दो पुत्र थे। छोटे बेटे की दुर्घटना में मौत हो गई। बड़े बेटे से आए दिन विवाद होता है। पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करता है। घर में हो रहे झगड़े को शांत करने के लिए दो वर्ष पहले वृद्धाश्रम आ गए। उन्होंने बताया कि यहां भगवान का सत्संग कर हमारी जिंदगी अच्छी कट रही है।
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