प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दादों में डाक्टर की कमी पर ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को ग्रामीणों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) ने पीएचसी कर्मियों को एक साथ कुर्सियों में बिठाकर रस्सी से बांध दिया।
दो घंटे तक रस्सी से बांधे हुए इन कर्मियों को बंधक बनाए रहे। इस दौरान दादों में दवाएं लेने पहुंचे मरीजों ने मजबूरी में निजी चिकित्सकों की ओर रुख किया। सूचना पर पहुंचे ग्राम प्रधान पति के समझाने पर ग्रामीणों ने कर्मचारियों को बंधन मुक्त किया।
हालांकि चेतावनी दी कि तीन दिन के अंदर अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती नहीं होती तो मरीजों को लेकर अलीगढ़ में सीएमओ का घेराव करेंगे। दरअसल दादों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो साल से डाक्टर की तैनाती नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार वार्ड ब्वाय शिशुपाल सिंह ही मरीजों को लाल, पीली गोलियां वितरित करता है। सोमवार को मरीज लेकर अस्पताल पहुंचे तीमारदार भड़क उठे। उनके गुस्से का कारण खतरनाक बीमारियां फैलने के बावजूद पीएचसी में डाक्टर की तैनाती न होना है।
उन्होंने वार्ड ब्वाय सहित लैब कर्मी ओमप्रकाश एवं प्रमोद कुमार को बंधक बना रस्सी से बांधे रखा। इनमें बिट्टू, कप्तान सिंह, शारदा देवी, रफीक, नजीम खां, वीरेश कुमार, शादाब खां, शेरू, जीशान, देवकरन सिंह, राजा, रीनादेवी, चमन खां, रोदास, उमेश, बिट्टन यादव, देवेंद्र, अनवार खां, विकास शामिल रहे।