अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने डीएम सेल्वा कुमारी जे. व सीडीओ अंकित खंडेलवाल से कलेक्ट्रेट में मुलाकात की। ग्राम प्रधानों ने आचार संहिता के चलते मनरेगा योजना में विकास कार्यों के ठप हो जाने पर अपनी पीड़ा बतायी। उन्होंने बताया कि जिले भर में मनरेगा के बजट के करीब 50 करोड़ रुपये 31 मार्च को वापस चले जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष खत्म होने पर धनराशि वापस जाने से विकास कार्य बाधित होंगे। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा में कच्चे काम के बदले 40 प्रतिशत धनराशि से पक्के काम कराने का प्रावधान है। आचार संहिता लागू होने से काम ठप पड़ा हुआ है। ग्राम पंचायतों में दो लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक का बजट फंसा हुआ है।
इससे नए कामों के टेंडर नहीं हो पा रहे हैं। बजट खर्च नहीं होता है तो करीब 50 करोड़ की धनराशि वापस हो जाएगी। डीएम ने ग्राम प्रधानों को भरोसा दिया कि चुनाव आयोग में बातचीत कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष अमित चौहान, चौधरी बनी सिंह, मनोज सिंह, गजेंद्र सिंह, श्यामलाल, नेपाल सिंह, संतोष कुमार, खुसरो खान, भोला प्रधान आदि मौजूद रहे।