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अलीगढ़ : सांगवान कालोनी के लोग भी आगे आए, सड़क निर्माण की मांग उठाई

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राहगीरों को आगे जाने से रोकते महादेव सांगवान सिटी सोसाइटी शिव मंदिर के पदाधिकारी। - फोटो : CITY OFFICE
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एटा की ओर जाने वाले जीटी रोड को जोड़ने वाली क्वार्सी जाफरी ड्रेन से सिंधौली रोड के निर्माण के लिए अब सांगवान कालोनी के लोग भी आगे आए हैं। मंगलवार को इस सोसाइटी के लोगों ने सड़क निर्माण की आवाज बुलंद की है और ओजोन के वाशिंदों के साथ बुधवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात करने का ऐलान किया है। वहीं, दूसरी ओर इस सड़क के निर्माण में घटिया बनाने का मामला भी अलीगढ़ विकास प्राधिकरण बोर्ड बैठक में आ सकता है। इस बारे में एडीए के उपाध्यक्ष पहले ही बता चुके हैं कि इस मामले में दोषी ठेकेदार और अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, यह बोर्ड बैठक में तय होगा।
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क्वारसी और एटा चुंगी चौराहे के जाम के बोझ को कम करने के लिए इस रोड का प्रयोग आपात काल में किया जाता है। मगर, इसकी हालत इतनी खस्ता है कि वाहन लेकर चलना मुश्किल होता है। अगर इसका निर्माण हो जाए तो स्थायी बाईपास बनाया जा सकता है। इस आवाज को बुलंद करने के लिए स्थानीय लोग भी अमर उजाला के साथ खड़े होने लगे हैं। इसको लेकर मंगलवार को सांगवान कालोनी के लोगों ने सड़क के बीचों बीच कुर्सियां डालकर बैठक की। उन्होंने कहा कि इस आवाज में वे भी अमर उजाल के साथ हैं। साथ में वे बुधवार को जल शक्ति मंत्री से भी ओजोन के वासियों के साथ जाएंगे।
इस दौरान संस्था के प्रबंधक तनुज तोमर, महामंत्री अखिलेंद्र सिसोदिया, कोषाध्यक्ष मनोज राघव, लोकेश शास्त्री, गजेंद्र सिंह, त्रिभुवन राज शर्मा, देवेंद्र सिंह, राज कुमार पांडेय, सुरेश चंद्र पाठक, श्रीपाल सिंह, ओमवीर सिंह चौहान, विनोद शर्मा, सत्यप्रकाश यादव, राम अवतार सिंह, वीरेंद्र कुमार, रेखा नायर, सीमा शर्मा, बबली नायर तथा अन्य मौजूद थे।
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- अगर हमको कहीं बाहर घूमने जाना होता है तब यहां टूटी सड़क के कारण कोई साधन नहीं मिलता है। ऐसे में बाहर जाने के लिए पति तथा अन्य परिजनों का इंतजार करना होता है। भारतीय सिसोदिया महादेव सांगवान सिटी सोसाइटी शिव मंदिर
- रामघाट रोड से कालोनी की ओर आते हैं तो ऑटो वाले मनमानी रकम वसूलते हैं। पैसे न देने पर बोलते हैं कि पैदल चले जाओ।
कविता अग्रवाल
घरेलू सामान महंगे मिलते हैं, अगर सामान खरीदने जाना होता है तो तीन से चार घंटे बरबाद होते हैं। जिसकी वजह से महंगे सामान खरीदने के लिए मजबूर हैं।
रचना
ऐसा लगता है कि हम अलीगढ़ शहर में नहीं रहते हैं। कई बार शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही इस सड़क को बनवाने के बारे में कोई फैसला लिया गया है।
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अखिलेंद्र सिसोदिया
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