पत्नी ने कॉलेज जाने की बात कही और फोन मिलाया तो फोन बंद था। इसके बाद साथी स्टाफ व घर से कॉलेज पहुंचे परिजनों ने धर्मेंद्र की कॉलेज के अंदर व बाहर तलाश शुरू कर दी। करीब 9:30 बजे पुलिस को भी गुमशुदगी सूचना दे दी तो इलाका लैपर्ड भी कॉलेज में पहुंच गई। धर्मेंद्र की तलाश शुरू की।
इसी दौरान 11:30 बजे पार्किंग के पीछे के हिस्से में गांधीआई अस्पताल की चहारदीवारी के पास एक सूखी नाली में बच्चों व कॉलेज स्टाफ की नजर खून के धब्बों व नाली की पटिया पड़ी। पटिया हटाकर देखा तो पत्तों से ढका जली अवस्था में खून से लथपथ शव मिला। सिर में ईंटों के प्रहार से गंभीर चोट थी और नाक से खून बह रहा था। आनन फानन उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर सीओ तृतीय, थाना पुलिस के साथ-साथ फील्ड यूनिट आदि पहुंच गए। प्राचार्य सहित कॉलेज का तमाम स्टाफ भी एकत्रित हो गया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की और संदेह होने पर कॉलेज परिसर में वाहन पार्किंग के ठेकेदार गांधीपार्क की प्रीमियर नगर कालोनी के हीरेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। चंद घंटों की पूछताछ में उसने रुपयों लेनदेन विवाद में हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी को रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी कार्रवाई की जा रही है।
टीआर कॉलेज परिसर में चौकीदार की हत्या इसी कॉलेज के पार्किंग ठेकेदार ने रुपयों के विवाद में की है। यह बात साक्ष्यों व पूछताछ के आधार पर उजागर हो गई। आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी साक्ष्य संकलन का काम जारी है।-सर्वम सिंह, सीओ तृतीय