बैरियर लगाकर पुलिस ने रोकी काली व जगन्नाथ की झांकी
प्रशासन ने कलश यात्रा के साथ एक डोला निकालने की अनुमति दी थी। इसके बाद भी कटरा तिराहे से काली जी व जगन्नाथ की शोभायात्रा को भी इस यात्रा में शामिल करने की आयोजकों ने कोशिश की तो पुलिस ने बैरियर लगा दिया। सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह ने साफ कह दिया कि शोभायात्रा में इनके शामिल होने की कोई अनुमति नहीं है। इसके बाद दोनों झांकियों को दूसरे रास्ते से ले जाया गया। हालांकि काली की शोभायात्रा कटरा, छिपैटी बाजार होते हुए अब्दुल करीम चाैराहे से पहले ही शोभायात्रा में शामिल हो गईं।
अनुमति मिली, लेकिन भरोसा नहीं जीत पाए
आयोजकों को भले ही प्रशासन ने शोभायात्रा निकालने की अनुमति दे दी थी, लेकिन वे प्रशासन का भरोसा नहीं जीत सके। पिछले साल अब्दुल करीम चाैराहे से आयोजकों द्वारा जबरन शोभायात्रा निकालने की घटना को देखते हुए प्रशासनिक अफसरों ने सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। कनवरीगंज फर्श में बनी मस्जिद के सामने से जैसे ही कलश यात्रा निकली तो वहां पहले से ही काफी फोर्स तैनात था। यहां काफी संख्या में मुस्लिम भी खड़े हुए थे और उनके चेहरे पर हल्का सा तनाव भी दिखा। हालांकि शोभायात्रा सकुशल निकली तो सबने राहत की सांस ली।
शोभायात्रा में शामिल नहीं हुए सांसद सतीश गौतम
मां काली शोभायात्रा की अनुमति को लेकर मची रार के बीच अचानक सांसद सतीश गौतम बृहस्पतिवार की रात देहलीगेट क्षेत्र में पहुंच गए और आयोजन समिति के पदाधिकारियों के सामने फोन पर सचिव से वार्ता कर सशर्त आयोजन की अनुमति ली। इस पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन शुक्रवार को शोभायात्रा में सांसद के न पहुंचने पर निराशा भी हुई। बताया जाता है कि वह संसद सत्र में शामिल होने के लिए सुबह ही दिल्ली रवाना हो गए थे।