बैंकों और एटीएम में अंदर से लेकर बाहर तक हजारों की भीड़ है। ग्राहकों की मानें तो बैंक अपने कुछ खास ग्राहकों को बैकडोर से मुंहमांगी नगदी दे रहे हैं, जिसके एवज में वह एक साथ दर्जनों एक्सचेंज फार्म भरवा कर जमा करा लेते हैं। कई बैंकों में ये काम देर रात तक हो रहा है। इसके लिए आईडी की व्यवस्था भी हो रही है।
कुछ ग्राहक अपने ही स्टाफ, परिजनों, रिश्तेदारों के साथ दोस्तों की आईडी जमा करा रहे हैं। मसलन, अगर किसी बड़ी पार्टी को एक लाख रुपये बदलाने हैं, तो 25 आईडी की व्यवस्था हाथों हाथ हो रही है, जिसमें हरेक आईडी पर चार हजार के हिसाब से सीधे एक लाख रुपये मिल जाते हैं।
दरअसल, शहर की तमाम बैंक इस उठापटक के बीच अपने खास और बड़े ग्राहकों को नाराज नहीं करना चाहते। शायद इसीलिए पर्दे के पीछे से अपनों पे करम और पर्दे के आगे गैरों पे सितम हो रहा है।
नकली नोट जमा कराने आए थे, पोल खुली तो छोड़ भागे
घंटाघर स्थित एसबीआई मुख्य शाखा में शनिवार दोपहर कुछ लोग महिलाओं के साथ नकली पांच सौ और एक हजार रुपये के कुछ नोट जमा कराने पहुंच गए। कैशियर ने नोट देखते ही पहचान लिया कि नोट नकली हैं। इस बीच मुख्य प्रबंधक देवदत्त शर्मा भी काउंटर पर शोरशराबा सुनकर पहुंचे।
उन्होंने कैशियर से पूरा मामला जाना। पुलिस भी बुलाई गई, लेकिन इससे पहले कि सबको पुलिस के हवाले किया जाता उनके साथ आई महिलाएं युवकों को बचा कर बाहर ले गईं। मुख्य प्रबंधक ने बताया कि उन लोगाें के पास एक हजार और पांच सौ के कुछ पुराने नोट थे, जिसे वह अपने खाते में जमा कराना चाहते थे।
अब इनके खाते की जांच कराई जाएगी। नोट बदलने या नोट जमा करने वालों पर पूरी नजर रखी जा रही है। किसी भी हाल में नकली नोट न तो जमा हो सकते हैं न ही कोई इन्हें बदल सकता है। ऐसे नोट बैंक में ही फाड़ दिए जाएंगे, ताकि उनको कहीं दोबारा से न चलाया जाए।
नोट बंदी पर विपक्ष हो एकजुट
500 व 1000 की पुरानी करंसी बंद होने से परेशान आमजनों की समस्याएं सुनने के बाद कोल विधायक जमीरउल्लाह खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आम लोगों का खून चूसने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि हालात इतने विकट हैं कि लोग इलाज के अभाव में मर रहे हैं।
छोटी छोटी फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं। पैसे के अभाव में मजदूरों को भी काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि काले धन पर पाबंदी लगनी चाहिये, लेकिन आम जनता की जान की कीमत भी तो समझी जानी चाहिये। इस मामले में वह रविवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देंगे।
उन्होंने बताया कि शनिवार को उन्होंने महानगर का दौरा किया। इस दौरान कहीं पता चला कि कोई मां प्रतिबंधित नोट होने के चलते अपने मरते बेटे का इलाज नहीं करा पा रही है। शादी वाले घर में पैसे के अभाव में व्यवस्थाएं होनी मुश्किल हो रही हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज विपक्ष नाम की चीज कोई हिंदुस्तान में है नहीं।
मुझे नहीं मालूम कि विपक्ष इतना खामोश क्यों है। उन्हाेंने विपक्षी दलों को एकजुट होकर आम जनता की लड़ाई लड़ने का न्यौता दिया।