नई व्यवस्था के तहत नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से एक ही बार में संपत्ति कर और जलकर जमा कर सकेंगे। इससे अलग-अलग बिलों और भुगतान प्रक्रिया की परेशानी खत्म होगी।
अलीगढ़ नगर निगम ने कर भुगतान व्यवस्था को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब शहर के नागरिक एक ही बिल के माध्यम से संपत्ति कर और जलकर का भुगतान कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था को लागू करने वाला अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम बन गया है।
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30 जून को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संपत्ति कर वसूली और बिल वितरण की रणनीति तय की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जुलाई के अंत तक शहर के 2.60 लाख भवनों तक संयुक्त कर बिल पहुंचा दिया जाए। नगर निगम ने वर्ष 2026-27 में 150 करोड़ रुपये संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य रखा है।
नगर आयुक्त ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत नागरिक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से एक ही बार में संपत्ति कर और जलकर जमा कर सकेंगे। इससे अलग-अलग बिलों और भुगतान प्रक्रिया की परेशानी खत्म होगी। डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए कर जमा करते समय प्रत्येक उपभोक्ता से एक व्हाट्सएप नंबर और एक वैकल्पिक मोबाइल नंबर लिया जाएगा। इन नंबरों का सत्यापन इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से किया जाएगा। इसके बाद कर बिल, बकाया, भुगतान रसीद और नगर निगम की महत्वपूर्ण सूचनाएं सीधे व्हाट्सएप पर भेजी जाएंगी।
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नगर आयुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि कर निर्धारण और वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगस्त से पूरे शहर में संपत्ति कर निर्धारण का भौतिक सत्यापन अभियान शुरू होगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नागरिक नगर निगम की वेबसाइट पर अपना PTIN दर्ज कर घर बैठे भी संपत्ति कर और जलकर का भुगतान कर सकते हैं। नई व्यवस्था से कर संग्रह बढ़ने के साथ-साथ नागरिकों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी।