डग्गामार वाहन के चलने के इंतजार में बैंठी सवारियां।
- फोटो : samvad
गोंडा क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांवों बसौली, धारागढ़ी, मानगढ़ी, नुनेरा, कोढ़ा, पीपली, सौनोंठ, पींजरी, मंडला, मोनी नगरिया, बड़ा गांव, डिगसी आदि को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले गोंडा-अलीगढ़ मार्ग पर मात्र दो रोडवेज बसें ही चलाई जा रही हैं। ये बसें सुबह को गोंडा से अलीगढ़ जाती हैं लेकिन गोंडा वापसी का समय निर्धारित नहीं है। पूरे दिन सवारियां डग्गेमार वाहनों के हवाले रहती हैं जो कि मनमाना किराया वसूल करते हैं।
कई बार क्षेत्रीय लोगों ने रोडवेज के फेरे बढ़ाने सहित ई बसों के संचालन की मांग भी उठाई है। हर बार सर्वे कराने के नाम पर मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। कस्बा निवासी मास्टर ऋषि कुमार, रमेश चंद, अशोक फौजदार, केशव देव आदि ने बताया कि सुबह करीब 6.45 बजे तथा 7.30 बजे दो रोडवेज बसें अलीगढ़ की ओर जाती हैं, जहां से उन्हें नोएडा और गुरुग्राम के लिए भेज दिया जाता है। उसके बाद इन बसों के कस्बे में वापसी का समय और रूट निर्धारित नहीं है।
यात्रियों का कहना है कि कभी ये बसें देर-सवेर खैर होकर लौटती हैं तो कभी अलीगढ़ होकर। लौटने का रूट निर्धारित न होने से लोगों को इन बसों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। गोंडा से हर रोज सैकड़ों छात्र-छात्राएं, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग अलीगढ़ जाते-आते हैं, जिन्हें आवागमन में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। गांव नुनेरा के ओमवीर सिंह, गोंडा के होशियार सिंह गुड्डू का कहना है कि इस मार्ग पर ई-बसों का संचालन कराया जाए और रोडवेज बसों की संख्या भी बढ़ाई जाए।