महानगर के बन्नादेवी इलाके की नलकूप कालोनी में नौ साल की बच्ची की मौत का मामला उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने का उल्लेख पैनल ने कर तो दिया, मगर परिवार से पूछताछ व मौका-ए-वारदात पर कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे हत्या होना साबित हो सके। इसे लेकर पुलिस ने पत्र लिखकर सीएमओ को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजी है, जिसमें पूछा गया है कि वरिष्ठ चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उल्लेखित मौत के कारणों को उल्लेखित करें।
पिछले सप्ताह नलकूप कालोनी का सुभाष घर से पत्नी ज्योति संग कहीं काम से जा रहा था। तभी उसकी 9 साल की बच्ची जहान्वी ने साथ चलने की जिद की थी। मगर पिता ने उसे यह कहते हुए डांट दिया था कि तुम घर पर रहकर टीवी देखो, हम अभी लौट आएंगे। इसके बाद लोगों ने यह पाया कि बच्ची ने घर में खुंटी से साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर आई पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाकर हत्या किया जाना उल्लेखित कर दिया। इस पर पुलिस ने गंभीरता से जांच की। मगर कोई ऐसा साक्ष्य सामने नहीं आया।
बन्नादेवी इंस्पेक्टर धीरेंद्र मोहन के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ बातें ऐसी भी हैं, जिनसे उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सीएमओ को पत्र लिखा गया है कि इसकी मौत कैसे हुई। पोस्टमार्टम में मौत का कारण गला दबाकर हत्या किया जाना (स्ट्रेंगुलेशन) किस आधार पर लिखा गया है। इन वजहों को वरिष्ठ डॉक्टरों के पैनल से स्पष्ट कराएं। ताकि मामले में सच्चाई उजागर हो सके।