हमारे प्रतिनिधि ने यहां एक दुकान पर पहुंचकर जब इंजेक्शन मांगा तो पहले परचून दुकानदार ने इंकार किया मगर बाद में जब कहा कि पहले भी कई बार यहां से लिया गया है तो दुकानदार बोला- ठीक है पहले पता कर लेते हैं कि स्टॉक में है या नहीं है। इसके बाद दुकानदार ने पैसे लिए और इंजेक्शन थमा दिया। बाद में यहां से 50 इंजेक्शन वाला एक पैकेट भी मिल गया।
केस-2-गभाना में चार इंजेक्शन मिले 32 रुपये के
गभाना क्षेत्र की एक दुकान पर हमारे प्रतिनिधि इंजेक्शन खरीदने के लिए पहुंचे तो दुकानदार ने कहा कि हमारे यहां यह नहीं मिलता। जब हमने कहा कि भैंस का बच्चा मर गया है। दूध नहीं दे रही। इस पर दुकानदार ने गांव का नाम पूछा। गांव के ही कुछ लोगों के बारे में जानकारी की और बाद में इंजेक्शन दे दिए। चार इंजेक्शन यहां से 32 रुपये में मिले।
केस-3- रामघाट रोड पर कह दिया हमारा आदमी घर पहुंचा देगा
रामघाट रोड पर एक दुकान पर पहुंचकर जब हमारे प्रतिनिधि ने इंजेक्शन मांगा तो दुकानदार ने पहले काफी समय पूछताछ की। जैसे जिस पशु को इंजेक्शन लगाना है वह कहां है। क्यों लगाने की जरूरत पड़ रही है। बाद में उन्होंने अपना नंबर दिया और कहा कि आप इस नंबर पर फोन करेंगे तो इंजेक्शन आपको घर पर ही उपलब्ध करा दिया जाएगा। लेकिन उसका चार्ज अलग से होगा।
रामघाट रोड की ही एक अन्य दुकान पर जब हमारे प्रतिनिधि पहुंचे तो यहां दुकानदार ने इंजेक्शन होने से इंकार कर दिया। लेकिन जब पूछा गया कि जरूरत है कहां से मिलेगा तो उसने
कहा कि आप जीवनगढ़ चले जाइए वहां पर मिल जाएगा।
पशु औैर मनुष्य दोनों के लिए सही नहीं
मलखान सिंह जिला अस्पताल के पूर्व वरिष्ठ फिजीशिनय डॉ. यशपाल रावल कहते हैं कि ऑक्सीटोसिन के प्रयोग से निकाले गए दूध के नुकसान में हार्मोनल असंतुलन, दूध में वसा और प्रोटीन की मात्रा में कमी, पशुओं के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव, दूध में एंटीबायोटिक अवशेष हो सकते हैं। पेट में गड़बड़ी हो जाती है। पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। यह मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।