राहगीरों ने जब यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे कूड़े के ढेर में एक अधेड़ को तड़पते और भूख के मारे कचरा खाते देखा, तो उनके होश उड़ गए। एक मालिक ने अपने बुजुर्ग मजदूर को मरने के लिए कूड़े के ढेर पर फेंक दिया।
अलीगढ़ के टप्पल थाना अंतर्गत गांव सारोल (श्यारौल) के समीप यमुना एक्सप्रेसवे के पुल के नीचे कूड़े के ढेर में एक व्यक्ति को पड़े हुए लोगों ने देखा। सूचना दी तो पुलिस ने टप्पल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। इलाज के बाद 19 जनवरी को वह व्यक्ति बिना बताए अस्पताल से कहीं चला गया।
विज्ञापन
पीड़ित बुजुर्ग दीपक निवासी बिहार ने बताया कि जेवर क्षेत्र के गांव छतांग में एक व्यक्ति के यहां वह दस वर्ष से मजदूरी कर रहे थे। पैर में गंभीर चोट के कारण काम करने की स्थिति नहीं रही तो उनका मालिक आधी रात को कचरे के ढेर पर फेंक गया। 18 जनवरी देर शाम राहगीरों ने उन्हें दर्द से तड़पते और भूख की वजह से कचरे से कुछ बीनकर खाते देखा तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस के जरिये पीड़ित को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टप्पल में भर्ती कराया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित का उपचार करने के साथ ही भोजन और उचित खान-पान की व्यवस्था भी की गई। सोमवार सुबह वह अस्पताल से कहीं चले गए।वहीं टप्पल थाना प्रभारी शिवप्रसाद सिंह ने बताया कि मामला जेवर क्षेत्र का है। पीड़ित बीमार होने पर दवा लेने पैदल टप्पल सीएचसी जा रहा था कि अचानक गिर पड़ा। लोगों के सहयोग से सीएचसी पहुंचाकर उपचार कराया गया।
मामले पर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स पर ट्विट किया है कि स्थानीय थाने पर कोई सूचना या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, थाना प्रभारी टप्पल को जांच कर आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया ।