कस्बे की एक किशोरी के साथ दो दिन पहले हुई दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित लोग रविवार को सड़क पर उतर आए और बाजार बंद कराकर अलीगढ़-पलवल मार्ग पर स्थित सुभाष चौक पर जाम लगा दिया। सुबह 10 बजे से अपराह्न तीन बजे तक जाम और हंगामा चलता रहा।
एसपी देहात के 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर लोग शांत हुए और जाम समाप्त कर बाजार खोल दिए। जाम के कारण अलीगढ़-पलवल मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गईं।
पुलिस और परिजनों के अनुसार किशोरी 24 अप्रैल की शाम को घर से निकली थी और वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने तलाश की। संदेह के आधार पर एक युवक को पकड़कर पूछताछ की गई। इसी दौरान वह युवक उनसे छूटकर भाग गया और उसने अपनी चाची को किशोरी के एक मकान में पड़े होने की जानकारी दी। अचेत हालत में मिली किशोरी को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया और आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
किशोरी और परिजनों ने आरोपी युवक और उसके तीन साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इस मामले में कार्रवाई नहीं होने पर रविवार को आक्रोश भड़क गया। मुख्य बाजार में सुबह से ही राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों की भीड़ जमा होने लगी। उद्योगपति डिंकल अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष संजय शर्मा, ब्राह्मण महासभा और स्थानीय लोगों ने अग्रवाल सेवा सदन में बैठक की और एकजुट होकर बाजार बंद का आह्वान किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सुभाष चौक पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अलीगढ़–पलवल रोड पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते पूरा बाजार बंद होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
खैर विधायक सुरेंद्र दिलेर, पूर्व विधायक प्रमोद गौड़, उप जिलाधिकारी शिशिर कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी संजीव तोमर पुलिस बल सहित मौके पर पहुंच गए। जाम स्थल पर पहुंचे राजनेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो भूख हड़ताल कर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
दोपहर करीब दो बजे पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मनीष कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार, व्यापारियों व जनप्रतिनिधियों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि एफआईआर में तत्काल संशोधन कर सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद करीब तीन बजे बाजार को पुनः खुलवा दिया गया। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि घटना को शुरुआत से ही पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
एसपी देहात मनीष मिश्रा ने बताया कि इस मामले में पहले ही सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराया गया था। आरोपी किशोरी का पूर्व परिचित है, दोनों में बात होती रहती थी। वह रविवार को स्वयं खैर पहुंचे और व्यापारियों से बात की और उन्हें कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
सीढ़ियों के नीचे पाइप से बांधकर रखा था किशोरी को
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, 24 अप्रैल की रात को किशोरी अचानक लापता हो गई थी। आरोपी ने अपनी चाची को भेजकर पड़ोस के एक मकान में किशोरी के पड़े होने की सूचना भिजवाई थी। मौके पर जाकर देखा तो सीढ़ियों के नीचे पाइप से किशोरी को बांधकर रखा गया था और वह मूर्छित हालत में घायल अवस्था में पड़ी थी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस किशोरी को पहले सीएचसी और बाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अलीगढ़ ले गई।
चार लोगों पर आरोप, एक पर ही पुलिस ने दर्ज की थी रिपोर्ट
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने जल्दबाजी में आधी-अधूरी तहरीर लिखवाकर मामला एक आरोपी के खिलाफ ही दर्ज किया, लेकिन पीड़िता ने होश आने पर तीन नामजद और एक अज्ञात युवक द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही है। इसी से लोगों और परिजनों में गुस्सा था।
-पीड़िता के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी और उसका मेडिकल कराया गया। उसके कोर्ट में भी सोमवार को 164 के बयान कराए जाएंगे। परिजनों के आरोपों जांच जा रही है, जो भी अन्य नाम सामने आएंगे, उनको भी विवेचना में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। नीरज जादौन,एसएसपी