हमारे घर वालों को गुमराह किया गया, हम अपनी इच्छा से गए थे
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जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान चर्चाओं में रहे अतरौली के दो जिला पंचायत सदस्य केपी सिंह मिस्त्री और सुनीता देवी तीन माह बाद घर लौटे हैं। वह खुद देवी दर्शन के लिए जाने की बात कह रहे हैं, मगर उनके जाने के बाद अतरौली में बहुत कुछ नाटकीय घटना क्रम घटा। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद शनिवार को जब दोनों जिला पंचायत सदस्य घर लौटे तो उनसे ‘अमर उजाला’ ने बातचीत की। दोनों जिला पंचायत सदस्यों को विरोधी खेमे में गिना जा रहा था।
अतरौली के वार्ड नंबर छह से जिला पंचायत सदस्य केपी सिंह मिस्त्री का कहना है कि जनता ने उन्हें दस हजार से भी अधिक मतों से जिता कर पूरा भरोसा दिखाया था। बोले.. मैं एक गरीब घर से हूं और क्षेत्र का विकास कराऊंगा। दो साल से अतरौली के किसी भी वार्ड में जिला पंचायत की ओर से विकास कार्य नहीं हुआ। हमने विकास की मांग की है।
मैं देवी के दर्शन के लिए गया था। जब छह तारीख को अविश्वास प्रस्ताव की जानकारी मिली तो चुनाव में भाग लेने पहुंचा। इस दौरान कुछ लोगों ने मेरे घरवालों को धमकाया भी था। बता दें कि केपी मिस्त्री ने देवी दर्शन के दौरान ही एक वीडियो वायरल किया था, जिसमें वह कह रहे थे कि यदि परिवार को परेशान किया गया तो वह आत्महत्या कर लेंगे। ये वीडियो उस वक्त आया था जब उसकी दुकान पर कुछ लोग पहुंचे और उसके भाई को धमकाया। उस पर चोरी की बाइक बेचने का आरोप लगा कर पुलिस केस में फंसाने की धमकी भी दी थी। केपी मिस्त्री को नरेंद्र गुट का सदस्य बताया जाता है और धमकाने का आरोप अध्यक्ष गुट पर लगा था।
अतरौली के वार्ड नंबर आठ की जिला पंचायत सदस्य सुनीता देवी का कहना है कि कुछ लोगों ने उनके बेटे गौरव दयाल को गुमराह कर कोतवाली में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चौ. सुधीर सिंह व सुमन दिवाकर के खिलाफ मेरे अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। जबकि मेरा कोई अपहरण नहीं हुआ मैं देवी दर्शन को गई थी।
छह तारीख को अविश्वास प्रस्ताव की जानकारी मिली तो मैं चुनाव में भाग लेने पहुंची, लेकिन वोटिंग का नंबर नहीं आया क्योंकि कुछ सदस्यों ने आखिरी दिन धोखा दे दिया। जनता ने मुझे विकास के लिए चुना था और जनता के वोट का कर्ज मैं क्षेत्र में विकास कराकर चुकाऊंगी। वहीं सुनीता देवी ने खुद के अपहरण की बात झूठी बताते हुए वीडियो वायरल किया था कि वह स्वेच्छा से देवी दर्शन को गई हैं और जल्द ही वापस आएंगी। सुनीता देवी भी नरेंद्र और सुधीर गुट की जिला पंचायत सदस्य मानी जाती हैं, उनके बेटे का अध्यक्ष गुट की ओर से गुमराह करने की बात कही गई थी।