जो काम अब तक अधिवक्ता, कातिब और अन्य तहसील कर्मी करते थे, अब उसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। यह नहीं होने दिया जाएगा।-विजय तेवतिया, अध्यक्ष तहसील बार एसोसिएशन।
फ्रंट ऑफिस के फैसले से अधिवक्ता और उनसे जुड़ा स्टाफ बेरोजगार हो जाएगा। इस क्षेत्र में निजी एजेंसी और लोगों का दखल हो जाएगा।-रवि चौहान एडवोकेट।
यह फैसला अधिवक्ता विरोधी है। पूरे प्रदेश का समर्थन हमें मिल रहा है। सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ेगा। तब तक हम धरने पर हैं।-अनुज कुमार राघव, उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन
अटक गए हैं काम
एक हफ्ते से तहसील में चक्कर लगा रहा हूं लेकिन काम नहीं हो पा रहा है, इतंजार है कि हड़ताल खत्म हो। - प्रवीन
मैं हाजीपुर से आई हूं, तीन दिन से खतौनी निकलवाने के लिए परेशान हूं। हड़ताल के चलते काम नहीं हो पा रहा।- सोनू देवी
हमारे कार्यालयों की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए सूचनाएं मांगी गई हैं। फ्रंट ऑफिस के संबंध में कोई शासनादेश आदि नहीं है। इसका मुख्य मकसद रजिस्ट्री के लिए आने वाले लोगों को सुविधाएं प्रदान करना है। अभी तक धरातल पर कुछ नहीं है।- ब्रजेश कुमार सिंह, एआईजी स्टांप
नगीना के सांसद चंद्रशेखर से तहसील अधिवक्ताओं ने अपील की है कि वह समय निकालकर धरने में शामिल हों। इस संबंध में तहसील राजस्व बार एसोसिएशन की ओर से पत्र भेजा गया है। तहसील कोल सहित प्रदेश की 143 तहसीलों के निबंधन कार्यालयों में फ्रंट ऑफिस के विरोध में चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन में शनिवार को पूर्व विधायक विवेक बंसल और सपा नेता एवं पूर्व सांसद चौधरी विजेंद्र सिंह शामिल हुए।
अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस के चलते प्रशासनिक अधिकारियों के सामने फ्रंट ऑफिस के विरोध में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सरकार से फ्रंट ऑफिस खोले जाने के फैसले को वापस लेने की मांग की। अध्यक्षता विजय सिंह तेवतिया ने की और संचालन महेंद्र सिंह धाकड़े ने किया। इस माैके पर अनुज राघव, दीपक वर्मा, ओपी सिंह, चतुर सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, राजबहादुर, रहीमुद्दीन, रामगोपाल, निधीश भट्ट, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।