दीनदयाल अस्पताल में कोरोना संक्रमित युवती से डाक्टर द्वारा छेड़खानी की घटना के बाद जिलाधिकारी ने अब महिला कोविड वार्ड में महिला स्टाफ की तैनाती के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोविड व अन्य सभी सरकारी अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा उन्होंने प्लाज्मा बैंक शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बृहस्पतिवार को कोविड-19 की समीक्षा बैठक के दौरान सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी श्रेणी के कोविड अस्पतालों में महिला व पुरुष मरीजों का वार्ड अलग-अलग होना अनिवार्य है। साथ ही मरीजों की दैनिक चेकिंग व इलाज के लिए महिला डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ को ही तैनात किया जाएगा। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों व कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगा हो और संचालन नियमित हो।
इसके अलावा डीएम ने प्लाज्मा बैंक शुरू करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया है। भविष्य में प्लाज्मा थेरेपी के किए अभी से तैयारी शुरू कर दें, जो मरीज ठीक हो गए हैं। डिस्चार्ज के समय उनका ब्लड ग्रुप जांचते हुए उनके डाटा को सुरक्षित रखा जाए, जिससे भविष्य में आपातकालीन स्थित में प्लाज्मा थेरेपी पर भी अमल किया जा सके। साथ ही मलखान सिंह जिला अस्पताल में कोविड-19 की जांच के लिए खोले गए कलेक्शन सेंटर में अब सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोई भी व्यक्ति कोविड-19 की जांच करा सकता है।
सीएमओ ने सभी सीएचसी एवं पीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक को अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले स्थानों पर रैंडम सैंपलिंग के आधार पर 20-20 व्यक्यिों की जांच एंटीजन किट द्वारा कराए जाने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि अगर, इस काम में लापरवाही बरती गई तो कार्रवाई तय है। निजी अस्पताल संचालकों को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है कि अगर सरकारी दरों से अधिक कोविड इलाज के लिए वसूलने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जएगी।