स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी की पीठ ने एक्सीडेंट क्लेम के मामले में बीमा कंपनी को दस लाख रुपये का भुगतान देने के आदेश दिए हैं। पीड़ित राजवीर सिंह निवासी निधौली गोंडा की ओर से यह याचिका स्थायी लोक अदालत में दी गई कि उनका बेटा पवन कुमार यूपी रोडवेज में संविदा परिचालक के पद पर तैनात था। 25 फरवरी 2017 को उसकी इगलास क्षेत्र में सड़क पर खड़े होकर दोस्तों से बात करते समय कार की टक्कर से मौत हो गई। चूंकि रोडवेज ने पवन का बीमा करा रखा था।
इसलिए राजवीर ने यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी में बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया। मगर कंपनी ने यह कहकर क्लेम आवेदन खारिज कर दिया कि घटना के समय पवन बाइक पर था और उस पर डीएल नहीं था। यह एमवी एक्ट का उल्लंघन है। वहीं पीड़ित की दलील थी कि वह बाइक पर नहीं था। दोस्तों संग खड़ा था। साक्ष्य बतौर पुलिस में दर्ज कराया गया मुकदमा भी दाखिल किया गया। स्थायी लोक अदालत ने पीड़ित की दलील व साक्ष्य स्वीकारते हुए बीमा कंपनी को दस लाख रुपये का भुगतान करने और न देने पर 7 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान देने के आदेश दिए हैं।