अब अधिकारी खुद किसानों के घरों पर दस्तक देकर खेतों से ही गेहूं की खरीद करेंगे। इसके लिए जिले में 92 मोबाइल क्रय केंद्र की सुविधा शुरू की गई है। खरीद की धीमी गति पर प्रमुख सचिव की नाराजगी के बाद यह सुविधा शुरू की गई है।
क्रय केंद्र प्रभारी गांव-गांव जाकर किसानों का गेहूं खरीदकर 48 घंटे के भीतर उनके खाते में भुगतान ट्रांसफर करेंगे। मंडल में 1,82,500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 9089 किसानों से 33,499 मीट्रिक टन (18.36 फीसदी) गेहूं की खरीद हुई है। अलीगढ़ में 82,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले 102 केंद्रों पर 3294 किसानों से 15,071 मीट्रिक टन यानी 17.84 फीसदी गेहूं की खरीद हो सकी है।
एटा में 38000 मीट्रिक टन के सापेक्ष 8690 मीट्रिक टन (22.8 फीसदी), हाथरस में 33500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 5514 मीट्रिक टन (16.46 फीसदी) और कासगंज में 26500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 4223 मीट्रिक टन (15.94 फीसदी) गेहूं की खरीद हुई। 3 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई समीक्षा में खरीद की धीमी गति पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हर हाल में खरीद बढ़ाने का निर्देश सभी आरएफसी को दिया है।
गेहूं खरीद की रफ्तार धीमी है। इस कारण खाद्य विभाग के नौ और पीसीएफ के 82 मोबाइल केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र प्रभारी किसानों के दरवाजे तक पहुंचकर गेहूं की खरीद करेंगे।-प्रखर कुमार सिंह, सीडीओ