फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश करते रहे अफसर

Wed, 16 Jul 2025 01:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटाले पर पर्दा डालने की कोशिश अफसर करते रहे। जांच रिपोर्ट को दबाने की भी कोशिश की गई। एनएचएम के तहत की गई लाखों रुपये के सामान की खरीद करने की गाइड लाइन और फर्मों को किए गए भुगतान का विवरण जांच समिति को नहीं दिया गया। जांच समिति ने सीएमओ और एसीएमओ की भूमिका को संदिग्ध माना है और इस पूरे प्रकरण का विशेष ऑडिट कराने की संस्तुति की है।
विज्ञापन



शासन ने साल 2021 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश के 129 जिला स्तरीय चिकित्सालयों और 350 तहसील स्तरीय चिकित्सालयों (सीएचसी) पर कंप्यूटर, लैपटॉप, फ्रिज और प्रिंटर सहित कई इलेक्ट्रानिक्स व इलेक्ट्रिक सामानों की खरीद के निर्देश दिए गए थे। हाथरस में भी इनकी खरीदारी की गई।




जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सामान को खरीदने का शासन का पत्र, जैम पोर्टल पर ब्रांड और दरों की जानकारी तो दी गई, लेकिन सीएमओ ने तथ्यों को छिपाने के उद्देश्य खरीदने की प्रक्रिया की गाइड लाइन उपलब्ध नहीं कराई। मिशन की ओर से फर्मों को किए गए भुगतान की जानकारी भी नहीं दी गई। जिला लेखा प्रबंधक (एनएचएम) जांच समिति के समक्ष उपस्थित नहीं हुए और न ही अपनी ओर से कोई जवाब दिया। इसके चलते नियम विरुद्ध खरीद करने का अंदेशा रिपोर्ट में जताया गया है।
विज्ञापन






जिले में 62 हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों पर 14 प्रकार की डायग्नोस्टिक सामग्री और सेवाओं के 80950 प्रति केंद्र हिसाब से करीब 50 लाख रुपये की धनराशि शासन ने भेजी थी। इसमें से 48.48 लाख रुपये खर्च किए गए। हालांकि इसमें किसी तरह की अनियमितता जांच में नहीं पाई गई है।शिकायतकर्ता प्रेमचंद्र चतुर्वेदी ने एसीएमओ राजीव गुप्ता पर मथुरा और हापुड़ में तैनाती के दौरान की अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इन्होंने अपने जवाब में कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि वह आदतन शिकायत करता है और इनकी शिकायतों पर सूचना आयुक्त की टिप्पणी वाला एक आदेश भी जांच समिति को सौंपा है।






बड़ा मामला कोरोना के केस नहीं होने के बावजूद संक्रमितों के इलाज के नाम पर 40 लाख के सामान की खरीदारी करने का सामने आया है। 22 वाहन कहां दौड़ते रहे, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई है। जांच समिति की 24 पेज की रिपोर्ट में अन्य प्रकरणों का भी पर सवाल खड़े किए गए हैं। तत्कालीन एडीएम न्यायिक ने हाथरस में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और इन प्रकरणों का विशेष ऑडिट कराने की संस्तुति की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें