टप्पल की तीन महिला स्वयं सहायता समूहों को 21 सीटर गाड़ी फाइनेंस कराकर चलवाने की व्यवस्था की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को गाड़ी संचालन में हो रही दिक्कतों के समाधान का जिम्मा अफसर स्वयं लें। वे हर सप्ताह में कम से कम एक बार इन महिलाओं को फोन कर उनका हालचाल लें और दिक्कतों को दूर करने का प्रयास करें।
बताते चलें कि एनआरएलएम विभाग द्वारा गांव वाजिदपुर टप्पल के दुर्गेश देवी के राधाकृष्ण स्वयं सहायता समूह, जिकरपुर टप्पल के शायना के 786 स्वयं सहायता समूह व छज्जूपुर टप्पल की सीमादेवी के मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को 21 सीटर गाडिय़ां किराये पर चलाने के लिये फाइनेंस करायी हैं। यह बात जब राज्यपाल आनंदीबेन को पता चली तो वह बहुत खुश हुई। उन्होंने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन महिलाओं को उत्साहित करने की जरूरत है। अफसर इनका ख्याल रखे और फोन पर इनका हालचाल लेते हुए इन साहसी महिलाओं का उत्साह बढ़ाएं।