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एनआरआई छात्र फराज के परिजन चाहते हंै फोरेंसिक जांच

Thu, 20 Jul 2017 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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File photo of Faraaz Mohammad Tariq. - फोटो : file photo
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एएमयू के बीटेक (इलेक्ट्रोनिक्स) फाइनल ईयर के एनआरआई छात्र फराज मुहम्मद तारिक (22 वर्ष) की आत्महत्या की कहानी से परिजन सहमत नहीं है। उन्हें संदेह है कि आत्महत्या नहीं हत्या का मामला  हो सकता है। परिजन इस मामले  की उच्चस्तरीय जांच कराना चाहते है ताकि फोरेंसिक जांच से पूरी तस्वीर साफ हो सकें। 
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धौर्रा स्थित रिश्तेदार के आवास पर फराज के अब्बू तारिक मसूद, बड़े अब्बू (चाचा) अब्दुल बदूद, चाचा शाहिद आदि ने पत्रकारों को बताया कि वे लोग उस स्थल का गहराई से अवलोकन कर आए है, जहां फराज द्वारा कथित रूप से अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर स्वयं को जलाने का प्रयास किया गया।

परिजनों को हॉल के एक वार्डन के बयान पर संदेह है, जिनका कहना है कि जलते हुए हालत में फराज ने अपना परिचय बताया और यह भी कहा कि परीक्षा में बैक लगने के कारण वह ऐसा कर रहा है। परिजनों ने साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी लगाया। जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान फराज द्वारा बयान दिया गया है कि परीक्षा में बैक लगने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया है। परिजन इससे भी सहमत नहीं है।
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उनका कहना है कि हो सकता है कि फराज ने बयान किसी दबाव में दिया हो। परिजनों को आशंका है कि फराज ने आत्महत्या की है तो जरूर किसी ने उकसाया होगा और उस समय उसके साथ जरूर कोई दूसरा व्यक्ति होेगा। फराज के अब्बू तारिक मसूद ने बताया कि जल्द ही जांच से संबंधित आवेदन एएमयू प्रशासन को देंगे।

फराज की अपने अब्बू से रात 9.37 बजे आखिरी बार बात हुई थी। उस वक्त उसने बताया था कि वह सुलेमान हॉल की मस्जिद से नमाज पढ़कर निकल रहा है। इससे पूर्व 8.08 बजे बात हुई थी। उस समय उसने बताया कि शामशाद में है। फराज के अब्बू का कहना है कि घटना 10 से लेकर 10.40 के बीच की है। फराज के पिता ने बताया कि दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पताल में इंतकाल के बाद फराज का पोस्टमार्टम किया गया। उसकी रिपोर्ट गुरुवार को मिलने की उम्मीद है।

बहरीन में रहने वाले फराज के अब्बू तारिक मसूद को बेटे द्वारा आग लगाने एवं उसके इंतकाल की सूचना तक नहीं दी गई। इसकी वजह से वे बेहद खफा है। उनका कहना है कि उनके बेटे का एडमिशन एनआरआई कोटे से हुआ था।

एनआरआई होने के बावजूद उन्हें एएमयू प्रशासन द्वारा अधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं दी गई। यह लापरवाही की हद है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जब अधिकारियों से शिकायत की तो सुलेमान हॉल के प्रोवोस्ट एवं इंजीनियरिंग कॉलेज की तरफ से शोक पत्र आया है। ई-मेल या फोन पर कोई जानकारी नहीं दी गई। 
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