लक्ष्य के सापेक्ष सरकारी गेहूं की खरीद न होने पर चिंतित खाद्य एवं रसद विभाग अब मोबाइल क्रय केंद्रों के जरिये गेहूं खरीद की तैयारी कर रहा है। योजना के तहत किसानों को गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं जाना पड़ेगा। फोन मिलाते ही मोबाइल क्रय केंद्र गांव में पहुंचकर गेहूं की खरीद करेंगे।
जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 169000 मीट्रिक टन है, इसके सापेक्ष सिर्फ 30676 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है। सरकारी गेहूं की खरीद के लिए 106 केंद्र खोले गए थे, लेकिन 56 केंद्रों पर 713 किसानों से गेहूं की खरीद हुई है। बाकी केंद्रों पर एक दाना गेहूं का नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद का रेट इस बार 2015 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि बाजार में गेहूं का रेट 2300 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में किसानों का रुख सरकारी क्रय केंद्रों की बजाए बाजार या आढ़तियों की ओर अधिक है। इसके अलावा, आढ़ती व गल्ला कारोबारी खुद किसानों से संपर्क कर उनके खेत, खलियान व घरों से नकद में गेहूं की खरीद कर रहे हैं। इस सब के चलते सरकारी गेहूं खरीद का लक्ष्य पिछड़ गया है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब मोबाइल क्रय बनाए जा रहे हैं। क्रय केंद्र प्रभारी ग्रामीण क्षेत्र के उचित दर विक्रेताओं, ग्राम प्रधानों आदि से समन्वय कर गेहूं खरीद में सहयोग लेंगे। मोबाइल क्रय केंद्र का संचालन करने वाली टीम संबंधित गांव के सार्वजनिक स्थल जैसे पंचायत भवन, उचित दर विक्रेता की दुकान आदि पर गेहूं खरीदेगी। उन्होंने बताया कि तहसील वार क्रय केंद्र प्रभारी व संबंधित अधिकारियों के नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि किसान इसका फायदा उठा सकें।