घरों के ऊपर से जा रहे हाईटेंशन लाइन के तार
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मंडल में स्वामित्व योजना पर काम शुरू हो गया है। 24 अप्रैल को पंचायतराज दिवस पर पूरे प्रदेश में लागू हुई ये योजना अभी तक लॉकडाउन के चलते ठंडे बस्ते में थी। अब इस पर काम शुरू हो गया है।
इस योजना से किसी भी गांव का किसान या आम आदमी अपने मकान और खेत की डिजीटल मैपिंग करा कर उसका स्वामित्व सरकारी दस्तावेजों में साबित कर सकेगा। मैपिंग होने के बाद घरेलू जमीनी विवादों की संख्या भी कम होगी। डिजीटल मैपिंग होने से सरकार को भी ग्रामीण अंचलों की संपत्तियों की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी।
अपर आयुक्त प्रशासन शमीम अहमद खान ने बताया कि मंडल में;स्वामित्व योजना के तहत देश के सभी गांवों में ड्रोन कैमरों के माध्यम से गांव की हर एक संपत्ति की मैपिंग की जाएगी। इस मैपिंग में राज्यों के पंचायती राज्य, राजस्व विभाग एवं भारतीय सर्वेक्षण विभाग शामिल होंगे।
मैपिंग के आधार पर डिजिटल नक्शा बनेगा। इसके बाद संबंधित भूस्वामी को उस संपत्ति का मालिकाना प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिससे शहरों की तर्ज पर गांवों में भी लोग अपनी अचल संपत्ति पर बैंकों से लोन ले सकेंगे। योजना के अंतर्गत आगामी 30 अगस्त तक सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करते हुए 25 दिसंबर तक ग्रामीणों को 'संपत्ति अधिकार प्रलेख वितरण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसको 31 मार्च 2021 तक पूरा किया जाएगा।
मंडल के सभी जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इस योजना को लागू करने के लिए जनपद स्तर पर समिति बनाई गयी है। अपर आयुक्त ने मंडल में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों से अपील की है कि वह जिला स्तरीय समिति से योजना की जानकारी कर अपनी संपत्ति का सर्वे कराएं। इससे ग्रामीण नियोजन के लिए सटीक भूमि अभिलेख तैयार कर संपति संबंधी विवादों और मुकदमों को निपटाया जा सकेगा।