आर्थिक विषयों पर डॉ. अरशी अजीज खान और डॉ. नियाज अहमद खान की लिखी किताब ‘हाउ टू अपलिफ्ट यूएई इकोनोमी विद ऑउट ऑयल रेवेन्यू’ का दुबई स्थित भारतीय उच्चायोग में अमेरिका के विशिष्ट उद्योगपति और एएमयू के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता फ्रेंक एफ इस्लाम ने किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि हम सबको पता है कि तेल सदैव उपलब्ध नहीं रहेगा, क्योंकि वह एक प्राकृतिक संसाधन है जो कि किसी न किसी दिन समाप्त होना है। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि आज जब लगभग प्रत्येक देश नकारात्मक अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है।
यह पुस्तक न केवल यूएई बल्कि उन सभी देशों के लिए उपयोगी है। डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि अभी तक समाज के हाशिये पर खड़े गरीब वर्ग और गरीबी को केंद्रित करके कोई शोध कार्य नहीं किया गया।
पुस्तक में एमबीएस सिस्टम का वर्णन किया गया है जिसको अपना कर यूएई केवल 24 घंटों में अपने वार्षिक बजट के बराबर राजस्व हासिल कर सकता है और जिसके द्वारा न केवल लाखों लोगों को नए रोजगार उपलब्ध होंगे, बल्कि जीवन यापन पर खर्च भी 50 प्रतिशत कम हो सकता है।