एएमयू के कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने भाजपा सांसद सतीश गौतम के एएमयू से संबंधित बयान पर कहा है कि एएमयू सदैव ही उन मूल्यों का पालन करती रही है जो भारत की पहचान हैं। उन्होंने इस आरोप का खंडन किया है कि एएमयू में देश विरोधी गोष्ठियों तथा जलसों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एएमयू में नागरिकों को विचारों की अभिव्यक्ति की पूरी स्वतंत्रता प्राप्त है। लेकिन विचारों की अभिव्यक्ति को संविधान की हदों को पार करने की अनुमति नहीं है। कुलपति ने इस बात पर भी दुख: व्यक्त किया कि भाजपा के सांसद ने उनके नाम पत्र को उनको भेजने से पहले ही मीडिया को जारी कर दिया जो उन्हें अभी तक नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने 40 वर्ष भारतीय सेना की सेवा की है तथा उन्हें इस बात पर गर्व है, और वह अपनी जिम्मेदारियों से पूरी तरह परिचित हैं वह कभी देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि एएमयू से संबंधित सांसद की चिंता से वह अवगत हो गये हैं। एएमयू एक स्वायत्ता प्राप्त शैक्षणिक संस्था है जहां विभिन्न राजनीतिक दलों तथा सरकारों की गतिविधियों पर स्वंत्रता पूर्वक विचार विर्मश के साथ ही आलोचना भी की जाती है और इस प्रकार की गतिविधियों को देश विरोधी गतिविधि नहीं माना जा सकता।
कोई भी संस्था वर्तमान सरकार को नजर अंदाज नहीं कर सकती। अल्पसंख्यक चरित्र के मामले में सरकार से विश्वविद्यालय का मतभेद अवश्य है, परंतु इस के बावजूद सरकार के साथ समन्वय का वातावरण बनाने का प्रयत्न किया जा रहा है । सरकार के सामने विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जा रहा है।
कुलपति ने कहा कि वह सांसद सतीश गौतम के विचारों का सम्मान करते हैं। वह विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य भी हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सतीश गौतम किसी भी समस्या को जनस्तर पर उठाने से पहले उनसे बातचीत कर लें तो उचित ही होगा।