सिविल जज की अदालत में चंद्रचूड़ सिंह व उनके भाई अभिमन्यु सिंह की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसमें अपने चाचा गंगा सिंह की तलाकशुदा पत्नी गायत्री देवी व उनके साथ आए स्वीडन नागरिक रॉबिन एकेसन को आरोपी बनाया है।
बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह की पैतृक संपत्ति जलालपुर एस्टेट हवेली से जुड़ा विवाद लगातार तूल पकड़ रहा है। चंद्रचूड़ पक्ष ने अदालत की शरण लेते हुए तथ्य पेश किया है कि उनकी चाची गायत्री देवी को उनके चाचा ने वर्ष 2011 में तलाक दे दिया था। इसलिए कानूनन उन्हें इस हवेली पर अपना हक जताने का कोई अधिकार नहीं। इसी तथ्य के साथ चंद्रचूड़ पक्ष ने चाची व उनके साथ रह रहे स्वीडन नागरिक युवक रॉबिन को हवेली से बेदखल करने संबंधी आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। न्यायालय ने मामले में सभी पक्षों को नोटिस जारी कर 14 जनवरी तारीख नियत कर दी है।
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सिविल जज की अदालत में चंद्रचूड़ सिंह व उनके भाई अभिमन्यु सिंह की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसमें अपने चाचा गंगा सिंह की तलाकशुदा पत्नी गायत्री देवी व उनके साथ आए स्वीडन नागरिक रॉबिन एकेसन को आरोपी बनाया है। याचिका में कहा है कि उनकी पैतृक हवेली में उनका परिवार लंबे समय से रह रहा है। वही उसकी देखरेख व स्टाफ का वेतन आदि देने का काम करता है। उनकी चाची गायत्री देवी को उनके चाचा गंगा सिंह ने वर्ष 2011 में तलाक दे दिया था, जिसकी न्यायालय से डिक्री भी जारी हुई। इसके बाद गायत्री देवी को उनकी संपत्ति में कानूनन हक नहीं रहता।
वहीं, उनके साथ आया रॉबिन स्वीडन नागरिक है। वह खुद को गंगा सिंह का कथित पुत्र बताता है, ले किन उसके पास इसका कोई दस्तावेजी साक्ष्य या गवाह नहीं है। तलाक के बाद से गायत्री देवी हवेली में नहीं रह रहीं थीं, लेकिन चाचा गंगा सिंह के बीमार होने पर देखने के बहाने अचानक गायत्री देवी अपने साथ रॉबिन को लेकर आईं तो परिवार ने मानवता के नाते उन्हें हवेली में प्रवेश दिया। इसके बाद से वे रॉबिन संग यहां रह रही हैं।
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31 अक्तूबर को गंगा सिंह के देहांत के बाद वह व रॉबिन हवेली पर अपना हक जताने लगे। अधिकारियों को गलत तरीके से शिकायत भी करती फिर रही हैं, जबकि शिकायत में उनके द्वारा खुद को तलाक मिलने का साक्ष्य छिपाया है। ऐसे में इन दोनों को हवेली से बेदखल करने संबंधी आदेश जारी किया जाए। न्यायालय ने याचिका स्वीकारते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी कर तलब किया है। जिसमें 14 जनवरी तारीख नियत की है।