घोषित कोविड चिकित्सालयों को पूर्णत: कोविड रोगियों के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा। इनमें अन्य रोगियों को भी उपचार दिया जाएगा। इन अस्पतालों को कोविड अस्पताल के रूप में संचालित करने से पूर्व जिला प्रशासन द्वारा तीन दिनों का नोटिस दिया जाएगा।
अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने इससे संबंधित पत्र जारी कर दिया है। अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय, एएमयू अलीगढ़, सीचसी इगलास, सीएचसी खैर, सीएचसी बिजौली एवं सीएचसी चंडौस को कोविड-19 डेडिकेटेड चिकित्सालय के रूप में अधिसूचित करने की स्वीकृति राज्यपाल से मिल गई है। एएमयू, पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय एवं जेएन मेडिकल कॉलेज को एल-2 घोषित किया गया है, जिनमें क्रमश: 255, 300 और 100 बेड होेंगे। सीएचसी इगलास, खैर, बिजौली और चंडौस को एल-1 घोषित किया गया हैं।
सभी में 30-30 बेड होंगे। सीएमओ डॉ. नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि अस्पतालों के प्रस्ताव पहले गए थे। पत्र में कहा गया हैं कि वर्तमान में कोविड रोगी अधिक संख्या में अस्पतालों में भर्ती नहीं हो रहे हैं, अत: घोषित चिकित्सालयों में पूर्णत: कोविड रोगियों के लिए आरक्षित नहीं किया जाएगा। निजी मेडिकल कॉलेजों मे कोविड मरीजों की चिकित्सा पर हुए व्यय का भुगतान पूर्ववत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान भारत की निर्धारित दरों पर किया जाएगा। जनपद में स्थित निजी चिकित्सालयों को कोविड मरीजों की चिकित्सा करने के संबंध में आदेश जिला मजिस्ट्रेट/मुख्य चिकित्साधिकारी के द्वारा स्थानीय स्तर पर निर्गत किए जाएंगे।