- टप्पल के गांव नूरपुर का मामला, समुदाय विशेष के लोगों पर दो दिन पहले बरात चढ़ने से रोकने का आरोप
- गांव में करीब 800 मुस्लिम और 125 हिंदू (अनुसूचित जाति का) निवास
- पहले भी 25 अप्रैल और 9 मई को इसी तरह बरात रोकने का आरोप
- दूसरे पक्ष ने भी दी तहरीर, नमाज के समय बैंडबाजा बजाने मना करने पर झगड़ा करने का लगाया आरोप
अलीगढ़ जनपद के टप्पल थाना क्षेत्र में गांव नूरपुर निवासी हिंदू समाज के निवासियों ने दरवाजों पर 'मकान बिकाऊ है' लिखकर और पलायन की धमकी देकर रविवार को जिले में हलचल मचा दी। आरोप है कि दो दिन पहले गांव में आई एक बरात को चढ़ने से समुदाय विशेष के लोगों ने रोका था। झगड़ा व मारपीट की था। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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उधर दूसरे पक्ष ने भी थाने में तहरीर देकर नमाज के समय बैंडबाजा बजाने से मना करने पर झगड़ा करने का आरोप लगाया है। टप्पल थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मान का कहना है कि थाने में किसी भी तरह की तहरीर नहीं आई है। तहरीर मिली तो रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
नूरपुर गांव में मुस्लिम समाज की करीब 800 और हिंदू अनुसूचित जाति (जाटव समाज की) आबादी करीब 125 परिवारों की है। गांव के ओमप्रकाश के अनुसार दो दिन पहले उनकी दो बेटियों की बरात आई थी। वकील पुत्र अल्लाराजी के भड़काने पर समुदाय विशेष के कुछ लोगों ने बरात चढ़त से रोकी और मारपीट की।
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एक गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया। 25 अप्रैल और 9 मई को भी अनुसूचित जाति के परिवारों में आई बरात चढ़त के दौरान इसी तरह झगड़ा, मारपीट की गई थी। तहरीर देने के बाद भी पुलिस आंख बंद कर रही है। न्याय नहीं मिलता तो वह घरों को बेचकर गांव से पलायन कर जाएंगे।
दूसरे पक्ष के वकील पुत्र अल्लाराजी की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि नमाज के समय बैंडबाजा और डीजे बजाते हुए लोग मस्जिद के चबूतरे पर चढ़े। मना करने पर ओमप्रकाश आदि ने झगड़ा व मारपीट की।