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भाजपा से संदीप और अनूप ने किया नामांकन

Sun, 22 Jan 2017 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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भाजपा से संदीप और अनूप ने किया नामांकन - फोटो : Rupesh
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भाजपा से संदीप सिंह ने अतरौली और अनूप वाल्मीकि ने खैर सीट से शनिवार को कलेक्ट्रेट जाकर नामांकन किया। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह उर्फ संजू भैया के नामांकन में बड़ी संख्या में अतरौली क्षेत्र से बुजुर्ग एवं युवा पहुंचे थे। 
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संदीप के साथ उनकी मां पूर्व विधायक प्रेमलता वर्मा, पिता एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया, अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम, जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह, विधायक ठाकुर दलवीर सिंह, रवेंद्रपाल सिंह के अतिरिक्त कई भाजपा नेता थे। समर्थक मोदी-मोदी के नारे लगा रहे थे। घंटाघर के समीप संदीप सिंह अपने माता-पिता एवं समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट तक पैदल पहुंचे। नामांकन के बाद संदीप सिंह ने राजा महेंद्र प्रताप पार्क के पास अपने समर्थकों से कहा कि आप लोगों को देखकर अपार खुशी हो रही है। आप लोगों के आशीर्वाद से बाबूजी (कल्याण सिंह) के काम को आगे बढ़ाऊंगा।
इस अवसर पर मेयर शकुंतला भारती, विवेक सारस्वत, गोपाल सिंह, अन्नू आजाद, सुशील मित्तल, ललितेश लोधी आदि मौजूद थे। इसके अतिरिक्त खैर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी अनूप वाल्मीकि भी अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व जिला प्रभारी शशि सिंह, सत्येंद्र सिंह, मीना कुमारी, लोकसभा पालक सुनील पांडेय, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनेकपाल सिंह समेत कई नेता मौजूद थे। 
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भाजपा जिलाध्यक्ष को रोका गया
अलीगढ़। कलेक्ट्रेट पर अतरौली विधानसभा क्षेत्र से नामांकन करने आए भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह के साथ सांसद सतीश गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष देवराज सिंह समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी कलेक्ट्रेट जा रहे थे। प्रत्याशी और सांसद समेत अन्य वरिष्ठ तो परिसर में प्रवेश कर गये, लेकिन जिलाध्यक्ष किसी कारण से बाहर ही रुक गये। जब उन्होंने अंदर जाने का प्रयास किया तो कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनका रास्ता रोक लिया। जिलाध्यक्ष ने अपनी पहचान बताते हुए अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। इससे गुस्साए जिलाध्यक्ष एवं पुलिसकर्मियाें में नोकझोंक हो गई। अफसरों के हस्तक्षेप के बाद ही जिलाध्यक्ष अंदर प्रवेश कर सके।
10 वर्ष पुराना झंडा लेकर पहुंचे राजा बाबू
अलीगढ़ (ब्यूरो)। राजस्थान के राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह के नामांकन में करीब दस वर्ष पुराना झंडा लेकर एक युवक पहुंचा। उस झंडे को देखकर वहां मौजूद भाजपाई चौक गये। इस पर अतरौली की पूूर्व विधायक प्रेमलता वर्मा की तस्वीर के अलावा कमल का निशान था।  अतरौली विधानसभा क्षेत्र के हेमतपुर नगरिया निवासी राजा बाबू ने बताया कि यह झंडा उनके परिजनों ने संभाल कर रखा था। उन्होंने बताया कि यह झंडा 2004 या 2007 चुनाव के दौरान का है।
उस समय प्रेमलता वर्मा भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थीं। 2012 का यह झंडा इसलिए नहीं है कि प्रेमलता वर्मा दूसरी पार्टी एवं चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ी थी। उन्होंने कहा कि संदीप सिंह के नामांकन की सूचना मिलने पर अपने आप को नहीं रोक सके और दूसरे ग्रामीणों के साथ चले आये। नया झंडा नहीं था। घर में यही पुराना झंडा मिला तो लेकर चले आये। राजा बाबू के साथ नगला लोधा के नानक चंद, नगरिया के मोहर सिंह आदि भी नामांकन में आए थे। बुजुर्ग नानक चंद का कहना था कि बाबूजी (कल्याण सिंह) अतरौली हीं नहीं प्रदेश की शान हैं। 
बसपाई खेमे में घुसकर भाजपाइयों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए
अलीगढ़। नामांकन के चौथे दिन शनिवार को तस्वीर महल चौराहे पर बवाल होते-होते बचा। नामांकन करने आए अतरौली के बसपा प्रत्याशी इलियास चौधरी के खेमे में कुछ भाजपा कार्यकर्ता घुस गए और मोदी-मोदी के नारे लगाकर अफरातफरी मचा दी। तनातनी देख कर पुलिस एवं प्रशासन के हाथपांव फूल गए।
पुलिस के अफसरों ने किसी तरह भाजपाइयों को खदेड़कर मामले को रफादफा किया। हुआ यूं कि शनिवार को नामांकन के लिए अतरौली विधानसभा क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी संदीप सिंह, अतरौली के बसपा प्रत्याशी मो.इलियास, छर्रा के बसपा प्रत्याशी मो. सगीर एवं सपा के शहर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी जफर आलम लगभग एक साथ ही अपने समर्थकों के हुजूम के साथ तस्वीर महल चौराहे पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद प्रत्याशी तो नामांकन के लिए कलेक्ट्रेट रवाना हो गये। रह गये समर्थक। दोपहर सवा बजे के करीब बड़ी संख्या में मौजूद बसपाई अपनी पार्टी के झंडे लहरा रहे थे। तभी भाजपाई अचानक बेरीकेडिंग पार कर बसपाइयों के हुजूम में घुस गए और मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। बसपाई भी मायावती के पक्ष में नारेबाजी करने लगे तो सपाई भी गरम हो गए। 
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