पूरे देश में करीब 124 मेयर हैं, जिनमें वह अकेले मुस्लिम मेयर थे। नगर निकाय चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए बोले कि चुनाव बसपा और भाजपा के बीच में है। उन्होंने जनता से अपील की है जिसे वोट देना है दें, लेकिन शहर में शांति और अमन कायम रखें क्योंकि अच्छे माहौल में ही अच्छे काम हो सकते हैं।
बिना हिंदू वोट के जीतना मुश्किल
नगर निगम चुनाव पर वह बोले कि बिना हिंदू वोट के किसी भी पार्टी का जीतना संभव नहीं है। 2017 के अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कम सही लेकिन हिंदू वोट मिले थे। शहर का ऐसा कोई भी बूथ नहीं था, जहां से उन्हें वोट नहीं मिले। हालांकि वोट कहीं कम तो कहीं ज्यादा जरूर रहे थे, लेकिन किसी भी बूथ पर शून्य नहीं था।
कांग्रेस, सपा और बसपा में रहे फुरकान
1980 में अमुवि छात्रसंघ में उपाध्यक्ष रहे। 1982 में अमुवि छात्रसंघ के अध्यक्ष बने। 1983 में कांग्रेस से जुड़े और प्रदेश महासचिव बने। 1989 में कांग्रेस से विधानसभा चुनाव लड़े और हार गए। 1992 में कांग्रेस के ऑल इंडिया सेक्रेटरी बने। 1995 में रेलवे सर्विस कमीशन के चेयरमैन रहे। साल 2007 में करीब 24 साल बाद कांग्रेस का साथ छोड़ सपा में शामिल हुए। 2007 में सपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे। 2009 में बसपा का दामन थामा। 2017 में बसपा ने मेयर प्रत्याशी बनाया। पहले मुस्लिम मेयर बने। 2023 में बसपा ने मेयर का टिकट काटा।
कार्यकाल के मुख्य कार्य
- 2200 सड़कों का निर्माण कराया, पानी की समस्या के लिए 1300 हैंडपंप रीबोर कराए। 100 नए हैंडपंप लगवाएं, 118 नए ट्यूबवेल बनवाए, 22 ट्यूबवेल रीबोर कराए।
- 9 नये ओवरहैड टैंकों का निर्माण कराया, पानी के 8 वाटर कूलर लगवाए, 34 हजार एलईडी लाइट लगवाईं। प्रमुख तिराहे व चौराहे पर हाईमास्ट लाइट लगवाईं। अमृत योजना के तहत आठ पार्कों को विकसित किया। आगरा रोड पर गोशाला का निर्माण कराया।