थाना क्वार्सी क्षेत्र के धौर्रा में पेट्रोल पंप संचालक निरोत्तम सिंह पर चाकू से छह वार किए गए थे। मंगलवार की देर रात पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि निरोत्तम के गले पर चाकू से चार वार किए गए। एक वार आंख के ऊपर किया गया, जबकि चाकू का एक निशान कंधे से नीचे हाथ पर लगा मिला। गले की मुख्य नसें कटने और अत्यधिक रक्तस्राव से निरोत्तम की मौत हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार चाकू के वार से गले के दोनों किनारों पर दो मुख्य रक्त वाहिकाएं, जिन्हें कैरोटिड आर्टरी और जुगुलर वेन कहते हैं, वह कट गईं। यह नसें सीधे मस्तिष्क को रक्त पहुंचाती हैं और वहां से वापस लाती हैं। इसके अलावा निरोत्तम की गर्दन की श्वसन नली भी क्षतिग्रस्त पाई गई।
इसके कटने से फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद हो गया। रक्तस्राव के चलते बाहर निकल रहा खून भी सांस की नली में भर गया। जख्मी होने के बाद काफी देर तक निरोत्तम को उपचार नहीं मिला। इसी के चलते दिमाग तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद हुई और दम घुटा।
दम तोड़ने से पहले दिखाया था प्रतिरोध
निरोत्तम के शव का परीक्षण करने से पता चला है कि दम तोड़ने से पहले हमलावरों का प्रतिरोध किया था। निरोत्तम के हाथ की अंगुलियां टूटी हुई थीं। इससे संभावना व्यक्त की जा रही है कि वार को रोकने की कोशिश की होगी। निरोत्तम के परिवार के इंद्रपाल सिंह कहते हैं कि जिस प्रकार हत्याकांड को अंजाम दिया गया है, उससे लगता है कि बहुत ही नृशंस तरीके से हत्या की योजना बनाई गई थी।
- मृतक के बेटे पंकज की तहरीर पर चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मुख्य हत्यारोपी कन्हैया स्कूटी सहित भाग गया था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के पीछे पैसों के लेनदेन का मामला सामने आया है - सर्वम सिंह, सीओ तृतीय
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दो भाइयों की एक दशक पहले हो चुकी है हत्या, हत्यारों का अब तक पता नहीं
- मृतक के बड़े भाई नेम सिंह की 2012 और कमल सिंह की 2014 में हो चुकी है हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। भाजयुमो नेता पंकज सिंह के पिता और पेट्रोल पंप संचालक निरोत्तम सिंह के बड़े भाई नेम सिंह और कमल सिंह की भी हत्या हो चुकी है। उनके हत्यारोपियों का आज तक पता नहीं चला है। निरोत्तम सिंह इन मुकदमों की भी पैरवी कर रहे थे।
पंकज सिंह ने बताया कि उनके सबसे बड़े ताऊ नेम सिंह की 2012 में एटा चुंगी पर पीएसी के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। 2014 में दूसरे ताऊ कमल सिंह के साथ क्वार्सी चौराहे पर मारपीट की गई। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। घायल अवस्था में उनको जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई थी। अब निरोत्तम सिंह की हत्या से परिवार ही नहीं क्षेत्र के लोग भी हैरान हैं। यह भी पता चला है कि दो साल पहले आरोपियों ने निरोत्तम का मोबाइल भी चुरा लिया था। दोनों पक्षों में उस समय झगड़ा हुआ था। छह महीने बाद मोबाइल वापस किया गया था।
हत्या से पहले पिलाई गई थी शराब :
परिवार के सदस्य इंद्रपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार को निरोत्तम अपनी पत्नी पूनम देवी के साथ खेत पर काम कर रहे थे। उसी दौरान आरोपी कन्हैया वहां आया और निरोत्तम से कहने लगा कि मुझे अपनी स्कूटी से चिलकौरा नगलिया छोड़ दो। उनकी पत्नी ने मना भी किया।
दोपहर तक निरोत्तम का कुछ पता नहीं चला तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। प्रोविजन स्टोर संचालित कर रहीं एक महिला ने परिजनों को बताया कि उसकी दुकान से निरोत्तम ने पांच प्लास्टिक के गिलास और दो नमकीन के पैकेट खरीदे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पास के शराब के ठेके से दौ पौवा भी खरीदे थे। परिजनों के मुताबिक इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि निरोत्तम के साथ शराब पीने वाले चार अन्य लोग भी रहे होंगे। हत्या से पहले इन्होंने ही शराब पिलाई।