अलीगढ़ के खैर में नहर की पटरी पर मिला नवजात शिशु।
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कोई इतना निर्दयी कैसे हो सकता है? पैदा होने पर शिशु की नाल तक न काटी। कपड़े में लपेटा। कार से जंगल में जाकर नहर पटरी किनारे एक गड्ढे में फेंक दिया और भाग निकले। लेकिन मारने वाले से बड़ा बचाने वाला होता है। नवजात के रोने की आवाज सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। पुलिस ने सीएचसी पहुंचाया और एसडीएम ने पहुंचकर इलाज कराया। अब नवजात स्वस्थ बताया जा रहा है।
मामला शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे का है। दो कार सवार खैर के गांव गोदौली नहर पटरी के समीप एक गड्ढे में नवजात शिशु (लड़के) को छोड़कर भाग निकले। जिस समय कार गोदौली नहर पटरी के पास रुकी दूर खेतों में एक महिला काम कर रही थी। खेत में काम कर रही महिला की नजर उन पर पड़ी। इसी बीच यह युवक कपड़े में लिपटे नवजात को पटरी किनारे एक गड्ढे में रखकर भाग निकले। शिशु के रोने की आवाज पर ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों की सूचना के चंद मिनटों में पहुंचे पीआरवी 0765 के सिपाहियों ने शिशु को तत्काल खैर सीएचसी पहुंचाया और अधिकारियों को सूचना दी। शिशु की नाल भी नहीं कटी थी।
जानकारी पर एसडीएम अंजुम बी भी तत्काल सीएचसी पहुंच गईं। उनको देखते ही अस्पताल स्टाफ अलर्ट हो गया। शिशु को चाइल्ड केयर यूनिट में रखा गया। खैर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राहुल शर्मा व स्टाफ नर्स ने शिशु के शरीर पर लगी मिट्टी साफ की और नाल काटी। डॉ. राहुल ने बताया कि शिशु स्वस्थ है लेकिन उसकी सभी प्रकार की जांच की जाएगी। उसे जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां एक दो दिन न्यू बोर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में रखा जाएगा।
शिशु अब स्वस्थ है। शिशु को इस तरह जंगल में छोड़ जाना घृणित कार्य है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। मारने वाले से बड़ा बचाने वाला है। शिशु को जांच के बाद चाइल्ड केयर सेेंटर में रखा जाएगा। हेल्पलाइन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी को सूचित कर दिया गया है। -अंजुम बी, एसडीएम खैर।