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भ्रूण लिंग परीक्षण: रैकेट का नेटवर्क पलवल से अलीगढ़ तक, बाहरी चिकित्सकों के नाम पर ऐसे चल रहा धंधा

Fri, 28 Mar 2025 11:18 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

भ्रूण लिंग परीक्षण का अलीगढ़ में ये गोरखधंधा नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में जिले के टप्पल, इगलास क्षेत्र में हरियाणा टीम की ये चौथी कार्रवाई है। जिसमें टप्पल में दूसरी व इगलास में दो बार कार्रवाई हो चुकी हैं। इसके अलावा शहर में भी एक नामी महिला चिकित्सक पर राजस्थान में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें महिला चिकित्सक को जेल जाना पड़ा था।
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भ्रूण लिंग परीक्षण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भ्रूण लिंग परीक्षण कराने वाले रैकेट का नेटवर्क पलवल से अलीगढ़ तक फैला है। दलालों के माध्यम से यह नेटवर्क चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में जो सामने आया है उसके मुताबिक दलालों को मोटा पैसा दिया जाता है। अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर पचास हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को टप्पल में गिरफ्तार हुए लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जो बताया है उसके मुताबिक पलवल, फरीदाबाद, होडल और गुड़गांव की गर्भवतियों को टप्पल और अलीगढ़ में लाकर भ्रूण लिंग परीक्षण कराया गया है।

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27 मार्च को टप्पल के बीएस हॉस्पिटल एंड डायग्नोसिस सेंटर पर हुई कार्रवाई के बाद एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। सबसे खास बात है कि जिस सेंटर में यह गोरखधंधा पकड़ा गया है। उसी रैकेट का एक सेंटर हरियाणा टीम के ही इनपुट पर 2023 में पकड़ा गया था। जिसके बंद होने के चंद दिनों बाद उससे 150 मीटर आगे दूसरा सेंटर चल पड़ा। मगर किसी को आज तक भनक नहीं लगी।
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डिप्टी सीएमओ डा.दिनेश खत्री के अनुसार स्वास्थ्य टीम के रिकार्ड के अनुसार नूरपुर रोड का बीएस हॉस्पिटल एंड डायग्रोस्टिक सेंटर में अल्ट्रसाउंड केंद्र 2022-23 में पंजीकृत है। इसमें नर्सिंग होम संचालन के लिए पंजीकरण आवेदन स्वास्थ्य विभाग में कर रखा है। जो अभी जांच में लंबित है। यहां लोगों से पूछताछ में यह भी पता चला कि इस सेंटर को अवधेश कुमार चलाता है। मगर वह टीम के आने पर छत से गायब हो गया है। उन्होंने बताया कि इसी अवधेश कुमार का एक सेंटर वर्ष 2022 में इस सेंटर से 150 पीछे पुष्पांजलि के नाम से इसी तरह के गोरखधंधे में पकड़ा गया था। उस समय भी हरियाणा की महिला से 35 हजार रुपये गर्भ की जांच के लिए गए थे। पुष्पांजलि सेंटर सील हुआ। आरोपियों पर मुकदमा हुआ। बाद में नए सेंटर पर नए नाम से गोरखधंधा शुरू कर दिया।

अलीगढ़ में पहले भी पकड़े गए इस तरह के सेंटर

जिले में ये गोरखधंधा नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में जिले के टप्पल, इगलास क्षेत्र में हरियाणा टीम की ये चौथी कार्रवाई है। जिसमें टप्पल में दूसरी व इगलास में दो बार कार्रवाई हो चुकी हैं। इसके अलावा शहर में भी एक नामी महिला चिकित्सक पर राजस्थान में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें महिला चिकित्सक को जेल जाना पड़ा था। एक सेंटर पर भी कार्रवाई हुई थी। इन कार्रवाई में एक बात हर बार सामने आई कि गर्भवती महिला राजस्थान, हरियाणा राज्यों से यहां जांच कराने आईं और सेंटर पकड़ा गया।
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बाहरी चिकित्सकों के नाम पर धंधा
टप्पल व इगलास में चार साल में जब भी सेंटर पकड़े गए तो सेंटर बाहरी चिकित्सकों के नाम से पंजीकृत पाए गए। जिनमें टप्पल के पुष्पांजलि सेंटर का पंजीकरण गोरखपुर के डा.रमेश बाबू के नाम से पंजीकृत था। उसमें बिहार के डा.मसूद रेडियोलॉजिस्ट के रूप में काम कर रहे थे। इगलास में 2023 में इगलास के विजय अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गुरुग्राम हरियाणा की टीम ने कार्रवाई की तो वह सेंटर भी फरीदाबाद अमर नगर के डा.देवेंद्र गोयल के नाम से पंजीकृत पाया गया। अब टप्पल में जो सेंटर पकड़ा है, उसका पंजीयन नोएडा की चिकित्सकों के नाम से पाया गया है। इससे साफ है कि दूसरे राज्यों या जिलों में कार्यरत चिकित्सक वहां अपने पास आने वाली महिलाओं की जांच नहीं कर पाते। वे अपने नाम से संचालित इन सेंटरों पर जांच के लिए महिलाओं को भेजते हैं।
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अल्ट्रासाउंड के रिकार्ड थे गायब, गर्भपात के साक्ष्य मिले

अफसरों ने महिला को योजना के तहत 40 हजार रुपये लेकर अंदर भेजा तो उसके साथ आए तीन दलालों ने एक स्थानीय दलाल से बात कराई। स्थानीय दलाल ने 35 हजार रुपये में काम करना तय किया। स्थानीय दलाल को रुपये दिए गए तो उसने 15 हजार रुपये अपनी जेब में रखे, जबकि अंदर 20 हजार रुपये देकर अल्ट्रासाउंड शुरू कराया। बस इसी बीच स्वास्थ्य टीम अंदर पहुंच गई व पुलिस बुला ली गई। महिला ने बताया कि यहां उसका गर्भ परीक्षण किया गया है। तत्काल वहां अल्ट्रसाउंड के रिकार्ड देखे तो रजिस्टर गायब मिला। मगर आधा दर्जन करीब अल्ट्रसाउंड रिपोर्ट पकड़ी गईं। जिन्हें सीज किया गया। अंदर नर्सिंग होम में ओटी में गर्भपात की सुविधाएं, दवाएं, उपकरण, आईसीयू, अल्ट्रासाउंड, ओपीडी आदि सुविधाएं संचालित मिलीं। यह सब डा.श्वेता व डा. रंजिता के नाम से हो रहा था। हालांकि वहां उस समय चिकित्सक नहीं थे। मगर तमाम तरह की दवाएं भी मिलीं। जो मरीजों को दी जा रही थीं। टीम ने जांच पड़ताल के बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर व गर्भपात के संदेह पर ओटी को सील किया, जबकि बाकी पर संचालकों से दस्तावेज मांगे गए हैं। उनके परीक्षण के बाद आगे कार्रवाई तय होगी।

पकड़े गए ये लोग जाएंगे जेल
इस मामले में डिप्टी सीएमओ डा.दिनेश खत्री द्वारा दी गई तहरीर में मौके पर पकड़े गए जांच कर रहे तकनीशियन दीपक शर्मा निवासी गांव पर्सिवान बुजुर्ग जिला सिवान बिहार हाल निवासी वीएस हॉस्पिटल, सुशील कुमार निवासी सैनी नगर रसूलपुर रोड पलवल, भोलू निवासी टप्पल, कपील उर्फ छोटू व खेम सिंह निवासी आदर्श कालोनी बंसल वाली गली पलवल को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। रिसेप्शन से गुलफाम नाम का युवक भाग गया। तहरीर में ये भी उल्लेख है कि इसके संचालक अवधेश के छत से गायब होने की जानकारी मिली है। मगर उसकी पुष्टि व संचालक के प्रपत्र देखने के बाद कार्रवाई तय होगी। सीओ वरुण सिंह के अनुसार मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपी जेल भेजे जाएंगे। बाकी तहरीर व जांच में जो नाम सामने आएंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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