शहर मुफ्ती ने कहा कि जानवरों की कुर्बानी खुल जगह पर न की जाए। कुर्बानी के बाद अवशेष को कपड़े में लपेटकर नगर निगम के वाहनों में रख दें। ईदुल अजहा की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही होगी।
ईदुल अजहा की नमाज 17 जून को ईदगाह और मस्जिदों में पढ़ी जाएगी। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने ईदगाह और मस्जिद के बाहर नमाज न पढ़ने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि खुली जगह पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए। साथ ही उनके अमल से किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचे, इसका भी ख्याल रखना जरूरी है।
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शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि ईदुल अजहा का त्योहार करीब है। कुर्बानी करते वक्त इस बात का ख्याल रखा जाए कि जानवरों की कुर्बानी खुल जगह पर न की जाए। कुर्बानी के बाद अवशेष को कपड़े में लपेटकर नगर निगम के वाहनों में रख दें। ईदुल अजहा की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही होगी। बाहर कोई भी सफबंदी न की जाए। शहर मुफ्ती ने नमाज का वक्त तय कर दिया है।