सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे संविदा कर्मी।
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उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के कार्य बहिष्कार के कारण नगला मसानी स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लग गया है। जनपद के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सबसे अधिक नुकसान कोविड टीकाकरण अभियान को हुआ है। जनपद टॉप 5 से फिसलकर 19 वे नंबर पर पहुंच गया है।
स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक एवं कर्मचारियों की भारी कमी है। एनएचएम के अंतर्गत ही जनपद में संविदा पर करीब 950 डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात हैं। जनपद की चिकित्सा व्यवस्था संविदा कर्मियों के ही भरोसे है। वेतन विसंगति व जॉब सिक्योरिटी सहित अन्य मांगों को लेकर संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण पहले ही दिन स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगला मसानी में दोपहर 1 बजे ताला लग गया था। उपचार कराने पहुंचे मरीज निराश होकर वापस लौट रहे थे। शहर के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई है।
धरना में ग्रामीण क्षेत्र से भी डॉक्टर, एएनएम, नर्स आदि शामिल हुए थे। नगला मसानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. ए शेरवानी भी धरना के समय सीएमओ ऑफिस पहुंची थी। हड़ताल के कारण सबसे अधिक टीकाकरण अभियान प्रभावित हुआ है। पिछले एक सप्ताह से जनपद प्रदेश में टॉप 5 में चल रहा था। बुधवार को 15194 लोगों को ही टीका लगने के कारण प्रदेश में रैंक गिर गया है। नोडल अधिकारी डॉ. एमके माथुर ने बताया कि आज जनपद का रैंक गिरकर 19 वे स्थान पर पहुंच गया है। हड़ताल की वजह से टीकाकरण प्रभावित हुआ है। संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि नगला मसानी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आज बंद रहा। दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों पर भी सेवाएं प्रभावित हुई है। सरकार को संविदा कर्मियों की मांगों पर विचार करना चाहिए।