भाजपा नेता अजय सिंह तंवर ने कहा कि ग्रामीण भारत अभी भी विकसित नहीं हुआ है। बहुत सारी आधुनिक सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाई हैं। मेरा पहला लक्ष्य देश के हर कोने में डिजिटलीकरण की लहर ले जाना है। देश के पिछड़े वर्ग के लोगों को स्मार्ट शिक्षा सेवाएं प्रदान करना मेरा मकसद है। बता दें कि अजय पूर्व संसद सदस्य कुंवर सिंह तंवर के पोते हैं।
अजय समाज के गरीब लोगों के लिए अपने परिवार के नाम से एक अस्पताल वैन चलाते हैं। उनका कहना है कि वह देश के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना चाहते हैं। 2018 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के बाद से ही मैं देश की सेवा में जुट गया हूं।
अजय इन दिनों युवाओं में सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका कहना है कि युवा राजनेता समाज की उन्नति के लिए कार्य करते हैं, तो यह देश को विकास की और लेकर जाता है।
2019 के लोकसभा चुनावों में अजय को अपने दादा की राजनीतिक अभियानों में कई बार देखा गया। उन्होंने कहा कि दादा जी के साथ काम करने से मुझे राजनीतिक अभियान में कैसे काम करना है, इसकी एक स्पष्ट तस्वीर मिली। मैंने महसूस किया है कि पार्टी के एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय लोगों और समाज के लिए काम करना बेहद ही महत्वपूर्ण है।
बता दें कि अजय ने राम मंदिर के निर्माण के लिए 21 लाख रुपये की राशि दान की थी। वहीं, कोविड-19 की महामारी में भी अजय ने पीएम केयर्स फंड में 21 लाख रुपये का बड़ा योगदान दिया था। साथ ही, अजय के परिवार ने भी वंचित लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।