गोपाल कहता है कि जब भी बेटे की याद आती है वह कभी सुबह तो कभी शाम को थाने पहुंचकर जानने का प्रयास करता है कि कहीं कोई अपडेट तो नहीं। गोपाल का कहना है कि उसकी अब कोई इच्छा नहीं, बस बेटे के हत्यारोपियों का नाम मिल जाए। हमारी तो किसी से दुश्मनी भी नहीं। चूंकि गरीब व मजदूर हैं, इसलिए कोई सुनता नहीं। थाने से बस यह कहकर चलता कर दिया जाता है कि प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में वह शनिवार दोपहर में भी खुद थाने पहुंचा। वहां मिले दरोगा से बेटे के विषय में जानकारी की। दरोगा ने उसे वही पुराना जवाब देकर वापस कर दिया कि पत्रावली अदालत भेज दी है। वहां से भी कार्रवाई कराओ। हम अपना काम तो कर ही रहे हैं। यह सुनकर वह वापस चला आया।
ये हुआ घटनाक्रम
- 10 सितंबर 2020 की शाम आठ बजे बालक गायब हुआ
- 11 सितंबर 2020 को परिवार ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी
- 12 सितंबर 2020 की दोपहर बाईपास पर शव मिला था
- 13 सितंबर 2020 को मुकदमा हत्या में तरमीम किया था
- खुलासा करने में फेल पुलिस ने लगा दी अंतिम रिपोर्ट