महानगर के देहली गेट सराय मियां इलाके में बारिश के दौरान विद्युत पोल में उतर करंट की चपेट में आने से किशोर की मौत के मामले में नगर आयुक्त और विद्युत अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। इन अधिकारियों की लापरवाही से हुई दुर्घटना के चलते बच्चे की मौत होने का आरोप मुकदमे में परिवार ने लगाया है।
यह रिपोर्ट विद्युत सुरक्षा परिषद की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें जांच अधिकारी ने लापरवाह विद्युत अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। मगर पीड़ित ने मुकदमे में विद्युत अधिकारियों के साथ-साथ नगर आयुक्त को भी आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
हालांकि पुलिस ने नगर आयुक्त का नाम उन्हें दोषी न मानते हुए विवेचना के पहले ही पर्चे में मुकदमे से हटा दिया है। सराय मियां निवासी मो.इसलाम की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया है कि उसका 13 वर्षीय बेटा जुबेर छठवीं कक्षा का छात्र था और 17 जुलाई को अपनी मां के साथ दुपहर में ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था।
रास्ते में बारिश का पानी भरा होने के कारण वहां लगे विद्युत पोल में करंट उतर आया था। इसी करंट की चपेट में आने से बच्चे की मौत हो गई। इसलाम ने इस मुकदमे में अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार सिंह, एसके सिंह, अधिशासी अभियंता प्रदीप अग्रवाल, अवर अभियंता ओमप्रकाश कुशवाहा, पेट्रोल मैन लखन कुमार को यह कहते हुए जिम्मेदार बताया है कि बारिश के दिनों में जिन इलाकों में पानी भर जाता है।
उन इलाकों में आपूर्ति बंद रखने के बजाय चालू रखी जाती है। इससे दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा को यह कहते हुए जिम्मेदार बनाया गया कि अगर समय समय पर नाली व नालों की सफाई कराई जाए तो बारिश के दिनों में पानी न भरे और इस तरह की दुर्घटनाएं न हों।
एसओ देहली गेट अनुज कुमार ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है और कहा है कि विवेचना के पहले ही पर्चे में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा को दोषी नहीं पाया गया।