फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्यार-पैसों की खातिर किया था मां का कत्ल, एक कॉल ने खोला राज

विज्ञापन
कंचन वर्मा की हत्या का खुलासा करते एसएसपी मुनिराज जी। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
महानगर के एटा चुंगी से सटी सरोज नगर कॉलोनी में सराफ कुलदीप की पत्नी कंचन वर्मा का कत्ल करने के बाद उनका इकलौता बेटा योगेश उर्फ राजा एक करोड़ के जेवरात भी लूट ले गया था। आर्थिक तंगी का सामना कर रहे योगेश ने इस वारदात को अपनी पत्नी के कहने पर दोस्त व उसकी प्रेमिका संग मिलकर अंजाम दिया था। हालांकि, पहले ही दिन से पुलिस व विवाहित बहनों को भाई योगेश पर शक था। मगर, शनिवार शाम एक फोन कॉल की मदद से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने कंचन वर्मा के कत्ल में योगेश के साथ-साथ उसकी पत्नी, दोस्त और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा घर से लूटे गए एक करोड़ के जेवरात व एक लाख रुपये नकद बरामद कर लिए। 24 घंटे में इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने पर डीजीपी ने पुलिस टीम की पीठ ठोंकी है।
विज्ञापन

एसएसपी मुनिराज जी ने रविवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 19 फरवरी की दोपहर हुई वारदात के बाद एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद के नेतृत्व में दो टीमें वारदात के खुलासे में लगी थीं। मौका-ए-वारदात पर यह तो तय हो गया था कि घर का कोई सदस्य वारदात में शामिल है। फिर घटना वाली रात ही सीसीटीवी की मदद से सुराग जुटा लिए गए थे। उन सुरागों में बेटा योगेश रडार पर आ गया था। फिर इस बात का इंतजार किया कि मृत महिला कंचन वर्मा के शव का अंतिम संस्कार होने के बाद परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बात की जाएगी ताकि कुछ और साक्ष्य मिल सकें। शनिवार सुबह अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्यों से बातचीत का सिलसिला पुलिस की जांच टीमों ने शुरू किया। इसी बीच मिले साक्ष्यों व सुरागों के आधार पर योगेश पर शक पुख्ता हो गया। इसी बीच शनिवार शाम एक फोन कॉल ऐसी आई कि उसने बिल्कुल साफ कर दिया कि वारदात किसी और ने नहीं, योगेश ने ही की है।
एसएसपी के अनुसार, शाम को कुलदीप के बेटे योगेश उर्फ राजा को थाने ले जाकर जब पूछताछ शुरू की तो उसने खुद ही वारदात करना स्वीकार लिया। उसने वारदात में अपने साथ अपनी प्रेमिका/पत्नी सोनम उर्फ चित्रा, दोस्त तनुज चौधरी व उसकी प्रेमिका शेहजल चौहान उर्फ रिनी के शामिल होने की बात स्वीकारी। साथ ही अपने किराये के मकान से पूरा माल पिट्ठू बैग में बेड के नीचे से बरामद कराया। वहीं से उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया, जबकि तनुज को उसके घर और रिनी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। तनुज से लूट की रकम में से 50 हजार रुपये बरामद हुए। इस तरह कुल एक करोड़ के सोने, चांदी व हीरों के जेवरात और एक लाख रुपये बरामद किए गए। वारदात के समय योगेश व तनुज घर के अंदर गए थे, जबकि रिनी बाहर रेकी कर रही थी। इसलिए तीनों के कपड़े भी बदलवाकर उन्हें अपने किराये के मकान की छत पर जला दिया था। उसकी राख व तिजोरी काटने में प्रयुक्त किया गया ग्राइंडर भी वहीं से बरामद किया गया है। एसएसपी ने बताया कि चारों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेजा गया है। खुद एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की है। इसके अलावा आईजी, एडीजी जोन स्तर से भी नकद इनाम की घोषणा हुई है। डीजीपी ने टीम को बधाई दी है। साथ में सम्मान देने की घोषणा की गई है। इस खुलासे के समय एसपी सिटी, एसपी क्राइम के अलावा सीओ तृतीय अनिल भी मौजूद रहे।
विज्ञापन

ये हुए गिरफ्तार
- योगेश उर्फ राजा पुत्र कुलदीप वर्मा निवासी सरोज नगर क्वार्सी (बी-कॉम)
- सोनम उर्फ चित्रा पुत्री अनिल शर्मा, पत्नी योगेश उर्फ राजा निवासी नगला मसानी देहली गेट (बीयूएमएस)
- तनुज चौधरी पुत्र प्रेमपाल सिंह निवासी देवनगर कॉलोनी खैर बाईपास बन्नादेवी, मूल निवासी रौरा अनूपशहर, बुलंदशहर (बीए)
- शेहजल चौहान उर्फ रिनी पुत्री रूप किशोर चौहान निवासी गूलर रोड गली नंबर 1 (किराये का मकान सुनील कुमार) बन्नादेवी मूल निवासी पोथी गभाना
ये हुआ बरामद--
- दो बैग में करीब एक करोड़ रुपये के हीरे व सोने-चांदी के जेवरात, एक लाख रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त दो मोटर साइकिल, घटना में प्रयुक्त तिजोरी काटने वाला ग्राइन्डर
खुलासा करने वाली पुलिस टीम
इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल, एसओ जवां अभय शर्मा, एसआई रणजीत सिंह, सर्विलांस प्रभारी संजीव कुमार, एसआई अरविंद कुमार, विजय चौहान, संदीप सिंह, रीतेश, अलका तोमर, गीता रानी, हैड कांस्टेबल जुलकार, देव, राकेश कुमार, विनोद कुमार, दुर्विजय सिंह, मोहन लाल, याकूब, बृजेश रावत, कांस्टेबल शोएब आलम, ज्ञानवीर कुमार, मनोज कुमार, तरुणेश, सत्यपाल, पालेन्द्र सिंह, अनित कुमार आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें