उन्नाव, प्रतापगढ़ और हैदराबाद में रेप की घटनाओं के बाद उमड़े जन आक्रोश पर भी जनपद की पुलिस सबक नहीं ले रही है। सोमवार को खैर थाना क्षेत्र में स्कूल से लौट रही एक नाबालिग छात्रा के साथ उसी के गांव के युवकों ने छेड़खानी कर दी। छात्रा ने परिवार से शिकायत की तो परिवार वाले आरोपियों के घर शिकायत करने गए। वहां उनके साथ मारपीट कर फायरिंग कर दी गई। मामले की जानकारी थाना पुलिस को दी गई। मगर, पुलिस चार घंटे तक पीड़ितों को घुमाती रही। इसी बीच आरोपी पक्ष ने देर रात को फिर से पीड़ित पक्ष के साथ मारपीट कर दी। इससे गांव वाले आक्रोशित होकर थाने पर पहुंचकर हंगामा काटने लगे। सीओ-इंस्पेक्टर ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन देकर हंगामे को शांत कराया।
पीड़ित परिवार के मुताबिक उनकी 14 साल की बेटी गांव के ही एक स्कूल से 10वीं की पढ़ाई कर रही है। वाकया सोमवार दोपहर का है। बेटी साइकिल लेकर स्कूल से घर आ रही थी। तभी गांव के चार युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया। छेड़खानी करने के साथ ही मोबाइल नंबर मांगते हुए दोस्ती का दबाव बनाने लगे। बेटी ने विरोध किया तो उसे खींचकर ले जाने की कोशिश की। जैसे-तैसे बेटी आरोपियों के चुंगल से छूटकर भागी और घर पहुंचते ही चाचा-चाची को पूरी घटना बताई। चाचा-चाची भतीजी की शिकायत पर आरोपियों के घर पहुंचे, जहां शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट की गई। मामले की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम से की गई। पुलिस गांव पहुंची और एक आरोपी को थाने ले गई।
इधर, परिवार वालों ने थाना पुलिस को आरोपियों को नामजद करते हुए तहरीर दी। मगर, पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से इंकार करते हुए आरोपी को छोड़ दिया। करीब पांच घंटे तक टहलाती रही। रात करीब नौ बजे परिवार के लोग घर पर थे कि तभी आरोपी आए और परिवारीजनों के साथ लाठी-डंडों के मारपीट करते हुए कई राउंड फायरिंग कर दी। चीख पुकार पर गांव वालों ने जान बचाई। इसके विरोध में गांव वालों ने थाने पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ खैर संजीव दीक्षित ने मामला संभाला और पूरा वाकया जानने के बाद हंगामे को शांत कराते हुए आरोपियों के खिलाफ तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। सीओ के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। थाना पुलिस को लापरवाही को लेकर फटकार भी लगाई है। फिलहाल गांव में शांति कायम है।