डॉ. मोहम्मद शाहिद ने बताया कि पेट्रोल में सल्फर थाइयोपेन मिलाकर उसे अशुद्ध बनाया गया। फिर उस पर शोध शुरू किया गया। छोटी शीशी में 10 मिलीटर अशुद्ध पेट्रोल में कॉपर का क्रिस्टल डाला गया, जो मॉफ था। उसे 24 घंटे तक के लिए प्रयोगशाला में रखा गया। इसके बाद देखा गया कि क्रिस्टल ने सल्फर थाइयोपेन को अपने अंदर समाहित कर लिया, पूरी तरह से पेट्रोल शुद्ध हो गया।
लागत कम होने से 100 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 60 में मिलेगा
डॉ. मोहम्मद शाहिद ने बताया कि विदेश से क्रूड ऑयल खरीदा जाता है, जिसमें ऐसे घातक तत्व होते हैं। इनको रिफाइनरी में शुद्ध किया जाता है। इसमें काफी खर्च आता है। अगर उनकी तकनीक को रिफाइनरी में इस्तेमाल किया जाता है तो 100 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल 60 रुपये तक में लोगों को मिल सकता है।