नियमानुसार रोडवेज बसों को शहर के बस स्टैंड के अंदर आना चाहिए। यात्रियों को बैठा कर और उतार कर जाना चाहिए। यदि फिर भी बसें स्टैंड में नहीं आ रही हैं तो ऐसी जानकारी कर उनके चालक-परिचालकों के खिलाफ संबंधित डिपो के प्रभारियों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा। जो बसें शहर में नहीं आ रही हैं उन बसों को शहर में लाने के लिए चेकिंग स्टाफ की तैनाती की जाएगी।-सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज अलीगढ़ परिक्षेत्र।
केस एक
मसूदाबाद बस स्टैंड पर खड़े अमित गुप्ता को मेरठ जाना था, काफी देर तक बस नहीं आई। पता चला कि बसें शहर के अंदर नहीं आ रही हैं, बाईपास से ही बस मिलेगी। अमित ने ऑटो पकड़ा और हाईवे पहुंचे, वहां बस मिली।
केस- दो
कुलदीप सिंह को आगरा जाना था। सारसौल के सैटेलाइट बस स्टैंड पहुंचे तो बस नहीं थी। पूछताछ केंद्र पर जानकारी की तो पता चला कि बस सासनीगेट चौराहे से आगे हाईवे से मिलेगी। मजबूरी में कुलदीप को दूसरे वाहन से हाईवे पर जाना पड़ा।